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Uttarkashi News: एक गुरु के भरोसे तीन कक्षाओं के 62 बच्चे

Tue, 01 Sep 2026 05:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Tue, 01 Sep 2026 05:12 PM IST
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62 children across three classes dependent on a single teacher.
राजकीय जूनियर हाईस्कूल खन्यासणी के बुरे हाल
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पुरोला। मोरी प्रखंड के फते पर्वत पट्टी स्थित राजकीय जूनियर हाईस्कूल खन्यासणी में चार गांवों के 62 छात्र-छात्राओं की पढ़ाई महज एक शिक्षक के भरोसे है। विद्यालय में देवल, खन्यासणी, पुजेली और लुडग्याट गांव के बच्चे कक्षा छह से आठ तक अध्ययनरत हैं। पर्याप्त छात्र संख्या के बावजूद शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
खन्यासणी के ग्राम प्रधान किशन सिंह चौहान ने बताया कि एक शिक्षक के लिए तीन कक्षाओं को एक साथ पढ़ाना संभव नहीं है। इसका सबसे अधिक असर गणित और विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर पड़ रहा है। शिक्षकों की कमी के चलते आर्थिक रूप से सक्षम अभिभावक बच्चों को गांव से बाहर निजी स्कूलों में भेजने को मजबूर हैं जबकि गरीब परिवारों के बच्चों के लिए सरकारी स्कूल ही एकमात्र विकल्प है।
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विद्यालय भवन की जर्जर हालत ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। प्रधान ने बताया कि भवन की छत काफी खराब हो चुकी है और बरसात में पानी टपकने से कक्षाओं में बैठना मुश्किल हो जाता है। जर्जर छत से कभी भी हादसे का खतरा बना है। खंड शिक्षा अधिकारी मोरी पंकज शर्मा ने बताया कि प्रखंड के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की कमी बनी है। मोरी के 32 जूनियर हाईस्कूलों में पांच विद्यालय शिक्षक विहीन हैं जबकि 27 विद्यालयों में केवल एक-एक शिक्षक तैनात है। टीईटी परीक्षा के चलते शिक्षकों के प्रमोशन नहीं होने से भी रिक्तियां बनी हुई हैं।
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