फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के खतरा बन रहा जमा मलबा

गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के खतरा बन रहा जमा मलबा

Sun, 14 Apr 2019 10:27 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 14 Apr 2019 10:27 PM IST
विज्ञापन
गंगोत्री-यमुनोत्री धाम के खतरा बन रहा जमा मलबा
उत्तरकाशी। चार धाम यात्रा सीजन की दस्तक के साथ एक बार फिर से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में जमा मलबे का मुद्दा उठने लगा है। गंगा एवं यमुना के प्रवाह पथ में भारी मलबा जमा होने से दोनों धामों की तटवर्ती आबादी पर खतरा मंडरा रहा है। तीर्थपुरोहितों व संत समाज ने गंगा व यमुना नदी में लगातार जमा हो रहे मलबे को हटाकर नदियों को चैनलाइज करने की मांग दोहरायी है।
विज्ञापन

वर्ष 2016 में गंगोत्री धाम में गंगा नदी के साथ आए मलबे ने कई साधु संतों की कुटियाओं को तबाह कर दिया था। इन घटनाओं के बाद से ही पुरोहित समाज व साधु संत मलबे को हटाकर नदी का रुख सामान्य स्तर पर लाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकारी तंत्र द्वारा अभी तक इस संबंध में कोई सार्थक पहल नहीं की गई है।
विज्ञापन

यमुनोत्री मंदिर समिति के उपाध्यक्ष जगमोहन उनियाल, गंगोत्री साधु सभा के अध्यक्ष स्वामी योगेश्वरानंद गिरि ने कहा कि वर्तमान हालातों को देखते हुए धाम के बाढ़ सुरक्षा इंतजाम नाकाफी हैं। आलम यह है कि सामान्य दिनों में भी गंगा व यमुना नदी अपने मूल स्तर से कई फीट ऊंची बह रही है। ईको सेंसिटिव जोन सहित पर्यावरणीय मानकों के चलते यहां खनन पर रोक है, लेकिन धाम व आम जनता की सुरक्षा के लिए इस मलबे को हटाया जाना भी जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदियों में जमा मलबे को चैनलाइज करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। साथ ही वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के विशेषज्ञों से भी सुझाव मांगे जा रहे हैं। अनुमति मिलने और बजट स्वीकृत होते ही समस्या का निस्तारण किया जाएगा।
डा. आशीष चौहान, जिलाधिकारी उत्तरकाशी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed