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चालकों ने की तेल व भोजन व्यवस्था की मांग
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उत्तरकाशी। चुनाव ड्यूटी के लिए अधिग्रहित किए गए टैक्सी वाहनों को पर्याप्त डीजल और चालकों को रहने खाने की सुविधा नहीं दिए जाने पर टैक्सी यूनियनों ने रोष जताया है। महासंघ ने मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी को अवगत कराकर कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम से मिले गंगा यमुना टौंस वैली टैक्सी मैक्सी जिला महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में टैक्सी वाहन अधिग्रहित किए गए हैं। इसमें बड़ी संख्या में वह टैक्सी वाहन भी शामिल हैं जो मोरी, पुरोला, ब्रह्मखाल, चिन्यालीसौड़, धरासू बैंड, डुंडा आदि दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। चुनाव ड्यूटी के दौरान इन वाहनों को सिर्फ जिला मुख्यालय से निर्धारित पोलिंग बूथ और वहां से वापसी का डीजल ही मुहैया कराया जा रहा है। जबकि अपने मूल स्थान से जिला मुख्यालय तक आने-जाने का ईंधन टैक्सी मालिकों को अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को तो रहने खाने की व्यवस्था के साथ ही मानदेय भी दिया जाता है, लेकिन ड्यूटी में लगे टैक्सी चालकों के रहने और खाने तक की व्यवस्था नहीं की जाती है। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन भंडारी, सचिव विजेंद्र रावत, सुरेंद्र पंवार, दीनानाथ नौटियाल, दीवान सिंह असवाल, भगत रावत, चरण सिंह पंवार आदि शामिल थे।
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मंगलवार को जिला निर्वाचन अधिकारी डीएम से मिले गंगा यमुना टौंस वैली टैक्सी मैक्सी जिला महासंघ के पदाधिकारियों ने बताया कि चुनाव ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में टैक्सी वाहन अधिग्रहित किए गए हैं। इसमें बड़ी संख्या में वह टैक्सी वाहन भी शामिल हैं जो मोरी, पुरोला, ब्रह्मखाल, चिन्यालीसौड़, धरासू बैंड, डुंडा आदि दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। चुनाव ड्यूटी के दौरान इन वाहनों को सिर्फ जिला मुख्यालय से निर्धारित पोलिंग बूथ और वहां से वापसी का डीजल ही मुहैया कराया जा रहा है। जबकि अपने मूल स्थान से जिला मुख्यालय तक आने-जाने का ईंधन टैक्सी मालिकों को अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को तो रहने खाने की व्यवस्था के साथ ही मानदेय भी दिया जाता है, लेकिन ड्यूटी में लगे टैक्सी चालकों के रहने और खाने तक की व्यवस्था नहीं की जाती है। प्रतिनिधिमंडल में महासंघ के अध्यक्ष अर्जुन भंडारी, सचिव विजेंद्र रावत, सुरेंद्र पंवार, दीनानाथ नौटियाल, दीवान सिंह असवाल, भगत रावत, चरण सिंह पंवार आदि शामिल थे।
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