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पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर मनाया चिपको दिवस

Tue, 26 Mar 2019 09:26 PM IST
Vijay Lakshmi विजय लक्ष्मी
Updated Tue, 26 Mar 2019 09:26 PM IST
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पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर मनाया चिपको दिवस
Styled bonds - फोटो : amarujala
उत्तरकाशी। चिपको दिवस पर डांग गांव के ग्रामीणों की ओर से मंगलवार को पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिलाओं व पुरुषों ने मिलकर पेड़ों को रक्षासूत्र बांधे और उनके संरक्षण व संवर्द्धन का संकल्प लिया।
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मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम के तहत डांग के ग्रामीणों ने अपने पुश्तैनी जंगल में पहुंचकर चिपको आंदोलन की जननी गौरा देवी को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधान रजनी नाथ ने बताया कि वर्ष 1974 में आज ही के दिन चमोली जिले के रेणी गांव की गौरा देवी ने अन्य महिलाओं के साथ मिलकर चिपको आंदोलन की शुरूआत की थी। इसी क्रम में पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा भी डांग गांव पहुंचे थे। यहां उन्होंने चिपको आंदोलन चलाकर डांग गांव के पुश्तैनी जंगल को बचाने की अपील की थी, जिसका अनुसरण करते हुए गांव के लोग आज तक अपने जंगल को बचाते आ रहे हैं। वहीं वन सरपंच सुलोचना कलूड़ा एवं महिला मंगल दल अध्यक्ष कुसुम गुसाईं ने कहा कि पर्वतीय जिलों के ग्रामीण आज भी अपनी आर्थिकी व मूलभूत संसाधनों के लिए जंगलों पर निर्भर हैं। हालांकि विकास की अंधी दौड़ के चलते कई लोग बिना सोचे समझे पेड़ों को काटने पर तुले हुए हैं। उन्होंने सभी लोगों से गौरा देवी से प्रेरणा लेकर जंगलों का संरक्षण करने की अपील की। इस मौके पर डा. नागेंद्र जगूड़ी, सुंदर गुर्साइं, चतर सिंह, शरद गुर्साइं, विजयलक्ष्मी राणा, बिजना गुर्साइं, अनीता नाथ, रजनी देवी, समुद्री बिष्ट, सीता नाथ, बसंती गुसांई, शकुंतला कलूड़ा, बचना गुर्साइं, चैता देवी आदि मौजूद रहे।
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