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क्लाइंबिंग स्पोर्ट्स को नहीं मिल रहा बढ़ावा
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उत्तरकाशी। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेजी से पहचान बना रहे स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग खेल की अपार संभावनाओं और ढांचागत सुविधाओं की मौजूदगी के बावजूद सीमांत जनपद में इस खेल को अपेक्षित बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) में वर्ष 2004 में स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग के एशिया कप के सफल आयोजन के बावजूद अभी तक जनपद में खेल के उम्दा खिलाड़ी तैयार नहीं हो पाए हैं। लेकिन अब निम ने स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग के खिलाड़ियों को तलाशने एवं तराशने की योजना बनायी है।
वर्ष 2004 में आयोजित स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग की एशिया कप स्पर्द्धा में विभिन्न देशों से आए क्लाइंबर्स ने प्रतिभाग किया था, जिससे युवाओं में भी खेल के प्रति रुझान बढ़ा। इसके बाद यहां वर्ष 2008 में स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग की नेशनल प्रतियोगिता और वर्ष 2009 में उत्तराखंड चैंपियनशिप का आयोजन भी किया गया। जानकारों की मानें तो स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग को बढ़ावा देने के लिए निम में इसका नियमित कोर्स चलाने की जरूरत है। ऐसा होने से पहाड़ के गांवों के दमखम रखने वाले युवाओं को आगे आने का मौका मिलेगा।
निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि निम ने उत्तराखंड में स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग के खिलाड़ियों को तलाशने एवं तराशने की योजना बनायी है। प्रत्येक जनपद से 5-5 युवाओं को चयनित कर उन्हें निम में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता कराकर श्रेष्ठ क्लाइंबर्स की टीम तैयार की जाएगी। यह टीम राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेगी। इसके लिए निम में बनी इंडोर और आउटडोर क्लाइंबिंग वॉल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
वर्ष 2004 में आयोजित स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग की एशिया कप स्पर्द्धा में विभिन्न देशों से आए क्लाइंबर्स ने प्रतिभाग किया था, जिससे युवाओं में भी खेल के प्रति रुझान बढ़ा। इसके बाद यहां वर्ष 2008 में स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग की नेशनल प्रतियोगिता और वर्ष 2009 में उत्तराखंड चैंपियनशिप का आयोजन भी किया गया। जानकारों की मानें तो स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग को बढ़ावा देने के लिए निम में इसका नियमित कोर्स चलाने की जरूरत है। ऐसा होने से पहाड़ के गांवों के दमखम रखने वाले युवाओं को आगे आने का मौका मिलेगा।
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निम के रजिस्ट्रार विशाल रंजन ने बताया कि निम ने उत्तराखंड में स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग के खिलाड़ियों को तलाशने एवं तराशने की योजना बनायी है। प्रत्येक जनपद से 5-5 युवाओं को चयनित कर उन्हें निम में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद यहां राज्य स्तरीय प्रतियोगिता कराकर श्रेष्ठ क्लाइंबर्स की टीम तैयार की जाएगी। यह टीम राष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व करेगी। इसके लिए निम में बनी इंडोर और आउटडोर क्लाइंबिंग वॉल को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार करने का प्रस्ताव भी तैयार किया गया है।
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