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मांडों के ग्रामीणों ने किया गंगा भागीरथी के किनारे कचरा ट्रीटमेंट प्लान लगाने का विरोध
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anger people
- फोटो : amarujala
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उत्तरकाशी। नगर पालिका प्रशासन की ओर से बड़ेथी-तेखला बाईपास पर तेखला पुल के निकट गंगा भागीरथी के किनारे कचरा निस्तारण के लिए कांपेक्टर एवं किलवेस्ट मशीन लगाए जाने का ग्रामीणों ने विरोध किया। निर्माण स्थल पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने काम रुकवाने के साथ ही मार्ग में पत्थर की दीवार खड़ी कर मशीनों को ले जाने का रास्ता अवरुद्ध कर दिया है।
पालिका प्रशासन ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए कांपेक्टर मशीन व अन्य कचरे को जलाने के लिए किलवेस्ट मशीन लगाने का निर्णय लिया। इसके लिए पालिका द्वारा तेखला पुल के पास जमीन किराए पर लेकर यहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इसकी भनक लगते ही शनिवार को मांडों गांव के ग्रामीण निर्माण स्थल पर एकत्र हुए। उन्होंने पालिका एवं जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का विरोध किया।
शहर का कूड़ा गांव लाने के निर्णय से गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर तो सरकार गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए करोड़ों का बजट खर्च कर रही है, दूसरी ओर नियमों को ताक पर रखकर गंगा किनारे कचरा उड़ेलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपकर उक्त निर्णय को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने और आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों में प्रधान रजनी भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेश्वरी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष संतोषी रावत, पूर्व प्रधान प्रताप चौहान, जगरनाथ प्रसाद भट्ट, ज्योति प्रसाद उनियाल, नरेंद्र चौहान, धीरेंद्र चौहान, पुरुषोत्तम बलूनी, चैतराम भट्ट, विवेक भट्ट, रीना गुसाईं, रतना देवी, विजन देई, रामेश्वरी देवी, प्रमिला चौहान, कमल प्रसाद बलूनी आदि शामिल रहे।
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इस स्थान पर कचरा डंपिंग जोन नहीं बनाया जा रहा है। यहां कांपेक्टर और किलवेस्ट मशीन लगाकर कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाना है। ग्रामीणों के विरोध के चलते फिलहाल काम बंद कर दिया गया है। इस संबंध में प्रशासन से अग्रिम निर्देश मिलने पर ही कार्य किया जाएगा।
सुशील कुरील, अधिशासी अधिकारी पालिका बाड़ाहाट।
पालिका प्रशासन ने प्लास्टिक कचरे के निस्तारण के लिए कांपेक्टर मशीन व अन्य कचरे को जलाने के लिए किलवेस्ट मशीन लगाने का निर्णय लिया। इसके लिए पालिका द्वारा तेखला पुल के पास जमीन किराए पर लेकर यहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। इसकी भनक लगते ही शनिवार को मांडों गांव के ग्रामीण निर्माण स्थल पर एकत्र हुए। उन्होंने पालिका एवं जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यहां ट्रीटमेंट प्लांट लगाने का विरोध किया।
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शहर का कूड़ा गांव लाने के निर्णय से गुस्साए ग्रामीणों ने कहा कि एक ओर तो सरकार गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए करोड़ों का बजट खर्च कर रही है, दूसरी ओर नियमों को ताक पर रखकर गंगा किनारे कचरा उड़ेलने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में डीएम को ज्ञापन सौंपकर उक्त निर्णय को निरस्त करने की मांग की है। ग्रामीणों ने मामले को लेकर न्यायालय की शरण में जाने और आंदोलन की चेतावनी दी। प्रदर्शनकारियों में प्रधान रजनी भट्ट, क्षेत्र पंचायत सदस्य देवेश्वरी देवी, महिला मंगल दल अध्यक्ष संतोषी रावत, पूर्व प्रधान प्रताप चौहान, जगरनाथ प्रसाद भट्ट, ज्योति प्रसाद उनियाल, नरेंद्र चौहान, धीरेंद्र चौहान, पुरुषोत्तम बलूनी, चैतराम भट्ट, विवेक भट्ट, रीना गुसाईं, रतना देवी, विजन देई, रामेश्वरी देवी, प्रमिला चौहान, कमल प्रसाद बलूनी आदि शामिल रहे।
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इस स्थान पर कचरा डंपिंग जोन नहीं बनाया जा रहा है। यहां कांपेक्टर और किलवेस्ट मशीन लगाकर कचरे का वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण किया जाना है। ग्रामीणों के विरोध के चलते फिलहाल काम बंद कर दिया गया है। इस संबंध में प्रशासन से अग्रिम निर्देश मिलने पर ही कार्य किया जाएगा।
सुशील कुरील, अधिशासी अधिकारी पालिका बाड़ाहाट।