फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   महाशिवरात्रि पर भोले के रंग में रंगी उतर की काशी, जलाभिषेक के लिए उमड़ा सैलाब

महाशिवरात्रि पर भोले के रंग में रंगी उतर की काशी, जलाभिषेक के लिए उमड़ा सैलाब

Mon, 04 Mar 2019 09:46 PM IST
Vijay Lakshmi विजय लक्ष्मी
Updated Mon, 04 Mar 2019 09:46 PM IST
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर भोले के रंग में रंगी उतर की काशी, जलाभिषेक के लिए उमड़ा सैलाब
religious - फोटो : amarujala
उत्तरकाशी। महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ मंदिर समेत जिले के शिवालयों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। ब्राह्ममुहूर्त से देर शाम तक शिवालयों में कतारें लगी रहीं। इस दौरान शिवालयों में शिव स्त्रोत्र एवं रुद्राभिषेक के साथ धार्मिक अनुष्ठान किए गए।
विज्ञापन

सोमवार सुबह से ही लोग मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान कर जलाभिषेक के लिए शिवालयों में पहुंचने लगे। प्रात: साढ़े तीन बजे महाआरती की गई। मंदिर में देर शाम तक कलक्ट्रेट गेट तक श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। इस दौरान यूथ फाउंडेशन के युवाओं ने व्यवस्थाएं बनाने में पुलिस का सहयोग किया। इसके अलावा जिला मुख्यालय पर गोपेश्वर महादेव, एकादश रुद्र, कालेश्वर महादेव, कीर्तश्वर महादेव, वरुणावत के शीर्ष पर शिखरेश्वर एवं विमलेश्वर, भटवाड़ी स्थित भाष्करेश्वर, पुरोला में कमलेश्वर महादेव, नौगांव में नागेश्वर, पुजारगांव चिन्यालीसौड़ में भड़ेश्वर, बड़कोट में चंद्रेश्वर एवं नागेश्वर, खरसाली में भूतेश्वर महादेव, थाती में धनेश्वर आदि जिले के शिवालयों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर भगवान शिव की पूजा की। इस दौरान मंदिरों में भजन कीर्तन के साथ धार्मिक अनुष्ठान भी किए गए।
विज्ञापन


रांसो तांदी नृत्य से की शिव स्तुति
जोर-शोर के साथ निकाली गई शिवजी की बारात
अमर उजाला ब्यूरो
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय पर शिवजी की बरात और भव्य ध्वज शोभा यात्रा निकाली गई। सोमवार सुबह रामलीला मैदान में शिव भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। यहां पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत जयेंद्र पुरी द्वारा संकलित श्री काशी विश्वनाथ स्त्रोत्र रत्नावली पुस्तक का विमोचन किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

सोमवार को नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए विश्वनाथ मंदिर तक भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। इसमें बाड़ागड्डी, मांडों, गंगोरी, बाड़ाहाट एवं बीरपुर डुंडा की पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने रांसो तांदी नृत्य के साथ शिव स्तुति की। झांकी में शिवजी के गण, शिव परिवार, राम-सीता की झांकी, प्रजापति ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, गायत्री परिवार, विश्वनाथ पूर्व सैनिक कल्याण समिति, यूथ फाउंडेशन, बैंड दल पुजेली, विश्वनाथ संकीर्तन मंडली, गोस्वामी गणेश दत्त सरस्वती विद्या मंदिर, संस्कृत महाविद्यालय आदि ने सक्रिय प्रतिभाग किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में नए ध्वज के आरोहण के साथ यह शोभा यात्रा संपन्न हुई। इस मौके पर गंगोत्री विधायक गोपाल रावत, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, डीएम डा.आशीष चौहान, एसपी पंकज भट्ट, काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत अजय पुरी, मेजर आरएस जमनाल, सुधा गुप्ता, हरीश डंगवाल, शैलेंद्र मटूड़ा, विजयपाल मखलोगा आदि सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

वरुणावत शीर्ष पर गूंजे बम-बम भोले के जयकारे
उत्तरकाशी। वरुणावत के शीर्ष पर स्थित संग्राली गांव में इस बार महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर प्राचीन विमलेश्वर महादेव मंदिर से संग्राली स्थित कंडार देवता मंदिर तक भव्य शोभा यात्रा एवं शिवजी की बरात निकाली गई। इस दौरान ग्रामीणों ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। कंडार देवता मंदिर में महिलाओं ने लोकगीत एवं नृत्यों से क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। यहां मंदिर परिसर में शिव-पार्वती के विवाह का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रद्युम्न नौटियाल, शिवानंद भट्ट, देवेंद्र चौहान, विजयलाल नैथानी, जबर सिंह राणा, दुर्गेश डंगवाल, अमर सिंह, दामोदर सेमवाल, नारायण दत्त, बुद्धिवल्लभ नैथानी आदि मौजूद रहे।


कोटेश्वर में दस हजार भक्तों ने किया जलाभिषेक
रुद्रप्रयाग। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में प्राचीन कोटेश्वर मंदिर, रुद्रनाथ, शिव मंदिर में प्रात: 4 बजे से भक्तों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। अलकनंदा नदी किनारे स्थित कोटेश्वर मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए सुबह आठ बजे से पुलिस तैनात रही। यहां दिनभर लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया। कई भक्तों ने मंदिर में रुद्राभिषेक, लघुभिषेक व शांति पाठ भी किया। इस दौरान मंदिर परिसर में महिलाओं ने पारंपरिक गीत-जागरों के साथ थड्या, चौंफला नृत्य भी किया। उधर, गंगतल महादेव, अगस्त्य ऋषि मंदिर अगस्त्यमुनि, कालीमठ मंदिर, रच्छ महादेव, काशी-विश्वनाथ मंदिर गुप्तकाशी, ओंकारेश्वर मंदिर ऊखीमठ, शिव-पार्वती विवाह स्थली त्रियुगीनारायण मंदिर आदि मंदिरों में भक्तों की भीड़ जुटी रही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed