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मलेशिया से मोरी पहुंचा पर्यटकों का दल
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Tourist party
- फोटो : amarujala
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पुरोला (उत्तरकाशी)। मलेशिया से आए पर्यटक दल ने मोरी प्रखंड के सुदूरवर्ती सरूताल, सिरगुल धार, भराड़सर धार, जूडा लेक आदि पर्यटन स्थलों का भ्रमण किया। ग्रामीणों ने पर्यटकों का ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया और होम स्टे के तहत अपने घरों में ठहराया।
हरकीदून प्रोटेक्शन एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन सांकरी क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की मुहिम में जुटा है। बीते 11 फरवरी को मलेशिया के 12 पर्यटकों का दल हरकीदून के भ्रमण पर यहां पहुंचा, लेकिन आजकल भारी बर्फबारी के चलते हरकीदून जाने की स्थिति नहीं बनने पर पर्यटकों ने क्षेत्र के गांवों में घूमने की इच्छा जताई। एसोसिएशन के सचिव चैन सिंह रावत ने पर्यटकों को सरूताल, सिरगुल धार, भराड़सर धार और जूडा लेक की ट्रेकिंग कराने के साथ ही ग्रामीण पर्यटन से रूबरू कराया। सांकरी से खन्यासणी एवं भीतरी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पर्यटकों का ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। यहां मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकगीत एवं नृत्य के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
ग्रामीणों ने पर्यटकों को अपने लकड़ी व पत्थरों से बने पारंपरिक बहुमंजिला भवनों में ठहराया और खूब आवभगत की। पर्यटकों को फाफरे की पोली, कंडाली का साग, मंडुए की रोटी, बेतू की खीर, घसोली की रोटी आदि स्थानीय व्यंजन परोसे गए। हरकीदून प्रोटेक्शन एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के सचिव चैन सिंह रावत ने बताया कि वे लंबे समय से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटे हैं। दल में शामिल चिहाचैन लिन, चू हेंग बैंग, कोंग हैंग, ओंग ले हियोक आदि ने कहा कि उन्होंने कई देशों की सैर की है, लेकिन इस तरह अतिथि देवो भव की संस्कृति उन्हें सिर्फ यहीं देखने को मिली। क्षेत्र के रमेश, कमलेश, प्रदीप, संजू थापा, विजयपाल, प्रमोद चौहान, देवकिरण, धर्मलाल, किशन चौहान, भरत सिंह, उमेश आदि ने पर्यटकों को क्षेत्र की सैर कराई।
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हरकीदून प्रोटेक्शन एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन सांकरी क्षेत्र में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की मुहिम में जुटा है। बीते 11 फरवरी को मलेशिया के 12 पर्यटकों का दल हरकीदून के भ्रमण पर यहां पहुंचा, लेकिन आजकल भारी बर्फबारी के चलते हरकीदून जाने की स्थिति नहीं बनने पर पर्यटकों ने क्षेत्र के गांवों में घूमने की इच्छा जताई। एसोसिएशन के सचिव चैन सिंह रावत ने पर्यटकों को सरूताल, सिरगुल धार, भराड़सर धार और जूडा लेक की ट्रेकिंग कराने के साथ ही ग्रामीण पर्यटन से रूबरू कराया। सांकरी से खन्यासणी एवं भीतरी गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने पर्यटकों का ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। यहां मंदिर प्रांगण में ग्रामीणों ने पारंपरिक लोकगीत एवं नृत्य के माध्यम से क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत की।
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ग्रामीणों ने पर्यटकों को अपने लकड़ी व पत्थरों से बने पारंपरिक बहुमंजिला भवनों में ठहराया और खूब आवभगत की। पर्यटकों को फाफरे की पोली, कंडाली का साग, मंडुए की रोटी, बेतू की खीर, घसोली की रोटी आदि स्थानीय व्यंजन परोसे गए। हरकीदून प्रोटेक्शन एंड माउंटेनियरिंग एसोसिएशन के सचिव चैन सिंह रावत ने बताया कि वे लंबे समय से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने की कोशिश में जुटे हैं। दल में शामिल चिहाचैन लिन, चू हेंग बैंग, कोंग हैंग, ओंग ले हियोक आदि ने कहा कि उन्होंने कई देशों की सैर की है, लेकिन इस तरह अतिथि देवो भव की संस्कृति उन्हें सिर्फ यहीं देखने को मिली। क्षेत्र के रमेश, कमलेश, प्रदीप, संजू थापा, विजयपाल, प्रमोद चौहान, देवकिरण, धर्मलाल, किशन चौहान, भरत सिंह, उमेश आदि ने पर्यटकों को क्षेत्र की सैर कराई।
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