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आयुष्मान योजना के तहत पेंशन कटौती का विरोध
Updated Tue, 13 Nov 2018 10:27 PM IST
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नौगांव। राजकीय सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने अटल आयुष्मान योजना के तहत पेंशन से प्रतिमाह दो सौ रुपये की कटौती पर नाराजगी जताते हुए इसका विरोध किया है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कटौती संबंधी शासनादेश निरस्त करने की मांग की है।
मंगलवार को सहकारी समिति सभागार में सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन यमुना घाटी की बैठक हुई। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष पीडी गुप्ता ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के शासनादेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से प्रतिमाह दो सौ रुपये कटौती का प्रावधान किया गया है। इसका विरोध करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी पांच लाख रुपये तक का चिकित्सा परिव्यय निशुल्क रखा गया है, जबकि उत्तराखंड के पेंशनर्स के साथ भेदभाव किया जा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने एक जनवरी 2016 के पेंशन संशोधन को नवंबर 2018 में देरी से लागू करने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की। बैठक में भजन सिंह जयाड़ा, चतर सिंह राणा, बलबीर चंद, शरत सिंह रावत, बहत्तर सिंह राणा, रुकम सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को सहकारी समिति सभागार में सेवानिवृत्त राजकीय पेंशनर्स संगठन यमुना घाटी की बैठक हुई। बैठक में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की लंबित मांगों और समस्याओं पर चर्चा की गई। इस दौरान संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष पीडी गुप्ता ने बताया कि अटल आयुष्मान योजना के शासनादेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन से प्रतिमाह दो सौ रुपये कटौती का प्रावधान किया गया है। इसका विरोध करते हुए उन्होंने बताया कि उत्तरप्रदेश जैसे बड़े राज्य में भी पांच लाख रुपये तक का चिकित्सा परिव्यय निशुल्क रखा गया है, जबकि उत्तराखंड के पेंशनर्स के साथ भेदभाव किया जा रहा है। सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने एक जनवरी 2016 के पेंशन संशोधन को नवंबर 2018 में देरी से लागू करने पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर कार्रवाई की मांग की। बैठक में भजन सिंह जयाड़ा, चतर सिंह राणा, बलबीर चंद, शरत सिंह रावत, बहत्तर सिंह राणा, रुकम सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
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