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कूड़ा निस्तारण के लिए प्रशासन ने तैयार किया ब्लू प्रिंट, जनता व जनप्रतिनिधियों से मांगा सहयोग
Updated Sun, 04 Nov 2018 10:50 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगा तट, वन भूमि व आबादी वाले क्षेत्र से घिरी नगर पालिका बाड़ाहाट में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी समस्या बन गया है। हाईकोर्ट द्वारा तेखला गदेरे में कूड़ा डंप करने पर प्रतिबंध लगाने व जियोग्रिड वॉल के पीछे कूड़ा डालने पर लोगों के विरोध के चलते पालिका प्रशासन लाचार हालत में है।
समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका प्रशासक एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने कुछ योजनाएं तैयार कर लोगों व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कूड़े को डंप करने के बजाय ‘जीरो वेस्ट तथा ब्यूटी इन वेस्ट’ की तकनीक अपनाई जाएगी। अजैविक कूड़े को आधुनिक मशीनों से रिसाइकल किया जाएगा, जबकि जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी। वैज्ञानिक तरीकों से बदबू व सड़ांध को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। साथ ही ट्रंचिंग ग्राउंड क्षेत्र में सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
एसडीएम ने बताया कि जमीन देने वाले गांव में समिति का गठन कर उन्हें प्लांट को संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। समिति रिसाइकल हुए कूड़े व खाद को बेचकर कमाई करेगी और प्लांट संचालन के लिए भी समिति को पालिका से बजट मुहैया कराया जाएगा। इसके साथ ही लोग अपने घर एवं दुकानों से ही जैविक व अजैविक कूड़ा अलग-अलग करके सफाई कर्मचारी को देंगे। इसके लिए ठोस नियम बनाने के साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाएं देकर उन्हें स्वच्छता प्रहरी का सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां गंगा व नगर को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
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समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका प्रशासक एसडीएम भटवाड़ी देवेंद्र नेगी ने कुछ योजनाएं तैयार कर लोगों व जनप्रतिनिधियों से सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कूड़े को डंप करने के बजाय ‘जीरो वेस्ट तथा ब्यूटी इन वेस्ट’ की तकनीक अपनाई जाएगी। अजैविक कूड़े को आधुनिक मशीनों से रिसाइकल किया जाएगा, जबकि जैविक कूड़े से खाद बनाई जाएगी। वैज्ञानिक तरीकों से बदबू व सड़ांध को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा। साथ ही ट्रंचिंग ग्राउंड क्षेत्र में सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
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एसडीएम ने बताया कि जमीन देने वाले गांव में समिति का गठन कर उन्हें प्लांट को संचालित करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। समिति रिसाइकल हुए कूड़े व खाद को बेचकर कमाई करेगी और प्लांट संचालन के लिए भी समिति को पालिका से बजट मुहैया कराया जाएगा। इसके साथ ही लोग अपने घर एवं दुकानों से ही जैविक व अजैविक कूड़ा अलग-अलग करके सफाई कर्मचारी को देंगे। इसके लिए ठोस नियम बनाने के साथ ही जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। सफाई कर्मचारियों को आधुनिक सुविधाएं देकर उन्हें स्वच्छता प्रहरी का सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मां गंगा व नगर को स्वच्छ रखना हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
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