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बर्फबारी के चलते नेलांग जाढ़ंग नहीं जा पाए पर्यटन सचिव
Updated Sat, 03 Nov 2018 10:08 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री धाम के कपाट बंद होने से पहले बर्फबारी ने गोमुख क्षेत्र में पर्यटकों के कदम थाम लिए हैं। भारत-चीन सीमा से लगे नेलांग एवं जाढ़ूंग गांव का भ्रमण करने पहुंचे पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर को भी भैरोंघाटी से लौटना पड़ा।
शुक्रवार केे गोमुख क्षेत्र में गए सभी 35 पर्यटक सुरक्षित लौट आए हैं, जबकि शिवलिंग हिमशिखर पर आरोहण के लिए गया एक पर्वतारोही दल अब भी मौसम खुलने के इंतजार में बेस कैंप के आसपास डेरा डाले हुए है। गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि सीमावर्ती हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के चलते पर्यटन सचिव नेलांग जाढ़ूंग नहीं जा पाए। उन्होंने हर्षिल, बगोरी आदि क्षेत्रों का दौरा कर पर्यटन संभावनाओं का जायजा लिया। रेंजर पंवार ने बताया कि यूं तो गंगोत्री नेशनल पार्क आगामी 15 नवंबर तक खुला है, लेकिन शनिवार को हुई बर्फबारी के बाद गंगोत्री से आगे जाने की स्थिति नहीं है। फिलहाल पर्यटकों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। मौसम खुलने पर ही पर्यटकों को गोमुख तक जाने की अनुमति दी जा सकती है।
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शुक्रवार केे गोमुख क्षेत्र में गए सभी 35 पर्यटक सुरक्षित लौट आए हैं, जबकि शिवलिंग हिमशिखर पर आरोहण के लिए गया एक पर्वतारोही दल अब भी मौसम खुलने के इंतजार में बेस कैंप के आसपास डेरा डाले हुए है। गंगोत्री नेशनल पार्क के वन क्षेत्राधिकारी प्रताप पंवार ने बताया कि सीमावर्ती हिमालयी क्षेत्र में भारी बर्फबारी के चलते पर्यटन सचिव नेलांग जाढ़ूंग नहीं जा पाए। उन्होंने हर्षिल, बगोरी आदि क्षेत्रों का दौरा कर पर्यटन संभावनाओं का जायजा लिया। रेंजर पंवार ने बताया कि यूं तो गंगोत्री नेशनल पार्क आगामी 15 नवंबर तक खुला है, लेकिन शनिवार को हुई बर्फबारी के बाद गंगोत्री से आगे जाने की स्थिति नहीं है। फिलहाल पर्यटकों को आगे नहीं जाने दिया जा रहा है। मौसम खुलने पर ही पर्यटकों को गोमुख तक जाने की अनुमति दी जा सकती है।
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