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कंसैण गांव के निकट बनेगा ट्रेंचिंग ग्राउंड
Updated Wed, 31 Oct 2018 10:21 PM IST
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उत्तरकाशी। जिले के दौरे पर आए अपर आयुक्त हरक सिंह रावत ने तेखला गदेरे में बनाए गए कचरा डंपिंग जोन को पूरी तरह अवैज्ञानिक एवं गलत बताते हुए अन्यत्र ट्रेंचिंग ग्राउंड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जोशियाड़ा बैराज के पास कंसैण गांव द्वारा जल विद्युत निगम को परियोजना के लिए दी गई जमीन के प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए उन्होंने एक हफ्ते के भीतर जमीन ट्रांसफर कर यहां कचरा निस्तारण के इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
मंगलवार को अपर आयुक्त ने प्रशासन द्वारा ट्रैचिंग ग्राउंड के लिए कंसैण गांव के निकट प्रस्तावित जमीन का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इसे उपयुक्त पाते हुए उन्होंने प्रशासन को एक हफ्ते के भीतर जमीन ट्रांसफर की कार्रवाई कर यहां कचरे के वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण के इंतजाम करने के निर्देश दिए। कंसैण के ग्रामीणों ने 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना के लिए जल विद्युत निगम को जमीन दी थी। परियोजना निर्माण के बाद शेष बची 0.358 हेक्टेयर जमीन को प्रशासन ने ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए चिह्नित किया है। वर्ष 2016 में तेखला गंगोरी क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा तेखला गदेरे में नगर का कूड़ा उड़ेले जाने पर पाबंदी लगा दी थी। तब भी प्रशासन ने कंसैण के निकट कचरा डंप करने का प्रयास किया था, लेकिन तब ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था।
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मंगलवार को अपर आयुक्त ने प्रशासन द्वारा ट्रैचिंग ग्राउंड के लिए कंसैण गांव के निकट प्रस्तावित जमीन का भी स्थलीय निरीक्षण किया। इसे उपयुक्त पाते हुए उन्होंने प्रशासन को एक हफ्ते के भीतर जमीन ट्रांसफर की कार्रवाई कर यहां कचरे के वैज्ञानिक ढंग से निस्तारण के इंतजाम करने के निर्देश दिए। कंसैण के ग्रामीणों ने 304 मेगावाट की मनेरी भाली स्टेज टू परियोजना के लिए जल विद्युत निगम को जमीन दी थी। परियोजना निर्माण के बाद शेष बची 0.358 हेक्टेयर जमीन को प्रशासन ने ट्रेचिंग ग्राउंड के लिए चिह्नित किया है। वर्ष 2016 में तेखला गंगोरी क्षेत्र के ग्रामीणों द्वारा तेखला गदेरे में नगर का कूड़ा उड़ेले जाने पर पाबंदी लगा दी थी। तब भी प्रशासन ने कंसैण के निकट कचरा डंप करने का प्रयास किया था, लेकिन तब ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा था।
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