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दसवें दिन भी जारी रहा दुग्ध संघ से हटाए गए कर्मचारियों का आंदोलन
Updated Thu, 25 Oct 2018 09:57 PM IST
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उत्तरकाशी। दुग्ध संघ मातली से निलंबित किए गए फील्ड कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन दसवें दिन भी जारी रहा। कार्यालय परिसर में धरना दे रहे कर्मचारियों ने एक सप्ताह से अधिक समय बीतने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर रोष जताया। आक्रोशित कर्मचारियों ने जल्द पुन: नियुक्ति नहीं दिए जाने पर भूख हड़ताल की चेतावनी दी।
दुग्ध संघ मातली में दशकों से कार्य कर रहे नौ संविदा फील्ड कर्मचारियों को बजट की कमी के आधार पर एकतरफा सेवा मुक्त कर दिया गया, जिसके विरोध में सभी कर्मचारी विगत 16 तारीख से संघ के कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन करते हुए सभी कर्मचारियों ने शासन प्रशासन व दुग्ध संघ अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि दशकों की सेवा के बाद उन्हें नियमित करने के बजाय सरकार ने उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया, जिससे सभी कर्मचारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को हटाने के पीछे बजट की कमी को आधार बनाया गया है। इस दौरान कर्मचारियों ने पुन: नियुक्त कर उनका नियमितीकरण व वेतन वृद्धि की मांग की। बुधवार को निलंबित कर्मचारियों के समर्थन में भटवाड़ी, धौंतरी, डुंडा व ब्रह्मखाल क्षेत्र की समिति ने दूध वितरण व्यवस्था ठप रखी। प्रदर्शनकारियों में कृष्णा नौटियाल, चंद्रा देवी, सुनीता देवी, बिहारी लाल, जयप्रकाश उनियाल, भूदेव कुड़ियाल, महेश राणा, जगमोहन राणा, पृथ्वीपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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दुग्ध संघ मातली में दशकों से कार्य कर रहे नौ संविदा फील्ड कर्मचारियों को बजट की कमी के आधार पर एकतरफा सेवा मुक्त कर दिया गया, जिसके विरोध में सभी कर्मचारी विगत 16 तारीख से संघ के कार्यालय परिसर में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को धरना प्रदर्शन करते हुए सभी कर्मचारियों ने शासन प्रशासन व दुग्ध संघ अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि दशकों की सेवा के बाद उन्हें नियमित करने के बजाय सरकार ने उन्हें नौकरी से ही निकाल दिया, जिससे सभी कर्मचारियों के सामने भुखमरी की नौबत आ गई है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को हटाने के पीछे बजट की कमी को आधार बनाया गया है। इस दौरान कर्मचारियों ने पुन: नियुक्त कर उनका नियमितीकरण व वेतन वृद्धि की मांग की। बुधवार को निलंबित कर्मचारियों के समर्थन में भटवाड़ी, धौंतरी, डुंडा व ब्रह्मखाल क्षेत्र की समिति ने दूध वितरण व्यवस्था ठप रखी। प्रदर्शनकारियों में कृष्णा नौटियाल, चंद्रा देवी, सुनीता देवी, बिहारी लाल, जयप्रकाश उनियाल, भूदेव कुड़ियाल, महेश राणा, जगमोहन राणा, पृथ्वीपाल सिंह आदि शामिल रहे।
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