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जोखिम भरे रास्तों से यमुनोत्री धाम की यात्रा करने को मजबूर हैं तीर्थयात्री
Updated Wed, 04 Jul 2018 10:40 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। यमुनोत्री हाईवे पर ओजरी डबरकोट स्लिप जोन वाले हिस्से में बुधवार को चौथे दिन भी यातायात बहाल नहीं हो पाया। ओजरी से तिर्खली कुंसाला होते हुए स्यानाचट्टी तक का चार किमी पैदल रास्ता भी बदहाल पड़ा हुआ है, जिससे स्थानीय के साथ ही तीर्थयात्रियों को आवागमन में भारी दिक्कत हो रही है।
बीते साल से नासूर बने ओजरी डबरकोट वाले हिस्से पर लगातार मलबा गिर रहा है। स्लिप जोन का न तो स्थायी उपचार हो पाया और न ही यहां वैकल्पिक व्यवस्था। ऐसे में बीते रविवार की दोपहर से ओजरी डबरकोट में यमुनोत्री हाईवे ठप पड़ा है। फिलहाल तीर्थयात्रियों को ओजरी से तिर्खली कुंसाला होते हुए स्यानाचट्टी तक चार किमी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। यह पैदल रास्ता भी खस्ताहाल पड़ा है।
जानकीचट्टी से यमुनोत्री पांच किमी पैदल रास्ते पर भी भिंडियालीगाड और दो अन्य स्थानों पर भूस्खलन होने से पैदल आवाजाही खासी जोखिम भरी हो गई है। तीर्थ पुरोहित पुरुषोत्तम उनियाल, महावीर पंवार आदि का कहना है कि सरकार को शीघ्र यात्रा मार्ग सुचारु कराने के साथ ही पैदल रास्तों को भी दुरुस्त कराना चाहिए।
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बीते साल से नासूर बने ओजरी डबरकोट वाले हिस्से पर लगातार मलबा गिर रहा है। स्लिप जोन का न तो स्थायी उपचार हो पाया और न ही यहां वैकल्पिक व्यवस्था। ऐसे में बीते रविवार की दोपहर से ओजरी डबरकोट में यमुनोत्री हाईवे ठप पड़ा है। फिलहाल तीर्थयात्रियों को ओजरी से तिर्खली कुंसाला होते हुए स्यानाचट्टी तक चार किमी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। यह पैदल रास्ता भी खस्ताहाल पड़ा है।
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जानकीचट्टी से यमुनोत्री पांच किमी पैदल रास्ते पर भी भिंडियालीगाड और दो अन्य स्थानों पर भूस्खलन होने से पैदल आवाजाही खासी जोखिम भरी हो गई है। तीर्थ पुरोहित पुरुषोत्तम उनियाल, महावीर पंवार आदि का कहना है कि सरकार को शीघ्र यात्रा मार्ग सुचारु कराने के साथ ही पैदल रास्तों को भी दुरुस्त कराना चाहिए।
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