{"_id":"5b02f8c34f1c1bf36b8b4f53","slug":"152692140615-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद के तीन पर्वतारोहियों ने किया माउंट एवरेस्ट फतह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद के तीन पर्वतारोहियों ने किया माउंट एवरेस्ट फतह
Updated Mon, 21 May 2018 10:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले के तीन पर्वतारोहियों ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया है। इनमें नाल्ड गांव की 21 वर्षीया पूनम राणा सबसे कम उम्र की पर्वतारोही हैं। पूनम और नाकुरी के संदीप टोलिया ने प्रसिद्ध पर्वतारोही बछेंद्री पाल के दिशा निर्देशन में फतह हासिल की है, जबकि बाड़ाहाट के रवि चौहान ने उत्तराखंड पुलिस के नेतृत्व में यह उपलब्धि प्राप्त की है।
सोमवार का दिन पर्वतारोहियों की भूमि उत्तरकाशी के लिए नई उपलब्धियां लेकर आया। जनपद के तीन पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट को फतह करने में सफलता पाई। इन पर्वतारोहियों में नाल्ड गांव की पूनम उम्र के लिहाज से सबसे छोटी हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में आई मुसीबतों को देखते हुए उनकी यह कामयाबी सबसे बड़ी साबित हुई है। पूनम ने बचपन में ही अपने माता पिता को खो दिया था, जबकि उनके दो भाइयों की कुछ साल पहले अचानक मौत हो गई थी। दुनिया की पहली महिला एवरेस्टर बछेंद्री पाल ने उन्हें सहारा देकर पर्वतारोहण में निपुण बनाया। पूनम के हुनर को पहचानकर उन्होंने पूनम का चयन टाटा स्टील फाउंडेशन की वर्ष 2018 में माउंट एवरेस्ट अभियान पर जाने वाले दल में किया। विगत जनवरी माह में पूनम दक्षिण अमेरिका के 6962 मीटर ऊंचे माउंट आकोंकागुआ अभियान पर गई थी, लेकिन वहां खराब मौसम होने से उन्हें आधे मार्ग से लौटना पड़ा। पूनम ने इससे हार नहीं मानी और आज दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने में कामयाबी हासिल की। नाकुरी गांव के 42 वर्षीय संदीप टोलिया भी टाटा स्टील फाउंडेशन के दल में शामिल थे। उन्होंने भी पूनम के साथ एवरेस्ट फतह किया।
उधर बाड़ाहाट निवासी और एसडीआरएफ में कार्यरत 32 वर्षीय रवि चौहान ने अपने बचपन के सपने को पूरा किया है। वह उत्तराखंड पुलिस के एवरेस्ट अभियान दल में शामिल थे। रवि की इस सफलता पर उनकी माता गायत्री देवी, पिता चयन सिंह चौहान और पत्नी किरन चौहान ने खुशी जाहिर की है।
विज्ञापन
बॉक्स---------
उत्तरकाशी जनपद में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही
बछेंद्री पाल, विष्णु सेमवाल, दशरथ सिंह रावत, खुशाल राणा, सतल सिंह, विनोद गुसांई, सुमन कुटियाल, सविता मर्तोलिया, संदीप टोलिया, रवि चौहान और पूनम राणा।
विज्ञापन
सोमवार का दिन पर्वतारोहियों की भूमि उत्तरकाशी के लिए नई उपलब्धियां लेकर आया। जनपद के तीन पर्वतारोहियों ने माउंट एवरेस्ट को फतह करने में सफलता पाई। इन पर्वतारोहियों में नाल्ड गांव की पूनम उम्र के लिहाज से सबसे छोटी हैं, लेकिन उनकी जिंदगी में आई मुसीबतों को देखते हुए उनकी यह कामयाबी सबसे बड़ी साबित हुई है। पूनम ने बचपन में ही अपने माता पिता को खो दिया था, जबकि उनके दो भाइयों की कुछ साल पहले अचानक मौत हो गई थी। दुनिया की पहली महिला एवरेस्टर बछेंद्री पाल ने उन्हें सहारा देकर पर्वतारोहण में निपुण बनाया। पूनम के हुनर को पहचानकर उन्होंने पूनम का चयन टाटा स्टील फाउंडेशन की वर्ष 2018 में माउंट एवरेस्ट अभियान पर जाने वाले दल में किया। विगत जनवरी माह में पूनम दक्षिण अमेरिका के 6962 मीटर ऊंचे माउंट आकोंकागुआ अभियान पर गई थी, लेकिन वहां खराब मौसम होने से उन्हें आधे मार्ग से लौटना पड़ा। पूनम ने इससे हार नहीं मानी और आज दुनिया की सबसे ऊंची चोटी को फतह करने में कामयाबी हासिल की। नाकुरी गांव के 42 वर्षीय संदीप टोलिया भी टाटा स्टील फाउंडेशन के दल में शामिल थे। उन्होंने भी पूनम के साथ एवरेस्ट फतह किया।
विज्ञापन
उधर बाड़ाहाट निवासी और एसडीआरएफ में कार्यरत 32 वर्षीय रवि चौहान ने अपने बचपन के सपने को पूरा किया है। वह उत्तराखंड पुलिस के एवरेस्ट अभियान दल में शामिल थे। रवि की इस सफलता पर उनकी माता गायत्री देवी, पिता चयन सिंह चौहान और पत्नी किरन चौहान ने खुशी जाहिर की है।
विज्ञापन
बॉक्स---------
उत्तरकाशी जनपद में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले पर्वतारोही
बछेंद्री पाल, विष्णु सेमवाल, दशरथ सिंह रावत, खुशाल राणा, सतल सिंह, विनोद गुसांई, सुमन कुटियाल, सविता मर्तोलिया, संदीप टोलिया, रवि चौहान और पूनम राणा।