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नौनिहालों के प्रति संवेदनशील होने की जरूरत
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:44 PM IST
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उत्तरकाशी। जनपद में बच्चों की स्थिति को लेकर भुवनेश्वरी महिला आश्रम की ओर से किए गए बाल सुरक्षा आंकलन सर्वेक्षण में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
कार्यक्रम समन्वयक अजय पंवार ने बताया कि डुंडा एवं भटवाड़ी ब्लॉक के 22266 बच्चों में से 30 कुपोषित (11 बालक एवं 19 बालिका), 48 अनाथ, 526 एकल माता-पिता के अधीन, 124 शारीरिक एवं मानसिक विकलांग, 27 लंबी बीमारी से ग्रस्त व तीन बाल श्रम में लिप्त हैं। 401 दुकानों में से 287 पर नशीले मादक पदार्थ की बिक्री होती है। इनमें से 26 पर ही वैधानिक चेतावनी के बोर्ड लगे हैं। स्कूल परिसर के निकट 76 में से दो पर ही नोटिस बोर्ड लगे हैं। क्षेत्र के 178 आंगनबाड़ी केंद्रों में कुल 2572 बच्चों में से केवल 1195 ही पंजीकृत हैं। 70 आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी, 90 में शौचालय, 116 में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। 112 ग्राम पंचायतों के 31 विद्यालय आपदा के लिहाज से संवेदनशील हैं। डीएम आशीष चौहान का कहना है कि एसबीएमए संस्था द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट मिली है। संबंधित अधिकारियों से पूरे जिले का सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर बच्चों के संरक्षण एवं विकास के लिए ठोस कार्य किए जाएंगे।
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कार्यक्रम समन्वयक अजय पंवार ने बताया कि डुंडा एवं भटवाड़ी ब्लॉक के 22266 बच्चों में से 30 कुपोषित (11 बालक एवं 19 बालिका), 48 अनाथ, 526 एकल माता-पिता के अधीन, 124 शारीरिक एवं मानसिक विकलांग, 27 लंबी बीमारी से ग्रस्त व तीन बाल श्रम में लिप्त हैं। 401 दुकानों में से 287 पर नशीले मादक पदार्थ की बिक्री होती है। इनमें से 26 पर ही वैधानिक चेतावनी के बोर्ड लगे हैं। स्कूल परिसर के निकट 76 में से दो पर ही नोटिस बोर्ड लगे हैं। क्षेत्र के 178 आंगनबाड़ी केंद्रों में कुल 2572 बच्चों में से केवल 1195 ही पंजीकृत हैं। 70 आंगनबाड़ी केंद्रों में पानी, 90 में शौचालय, 116 में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था नहीं है। 112 ग्राम पंचायतों के 31 विद्यालय आपदा के लिहाज से संवेदनशील हैं। डीएम आशीष चौहान का कहना है कि एसबीएमए संस्था द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट मिली है। संबंधित अधिकारियों से पूरे जिले का सर्वे कराया जा रहा है। इसके आधार पर बच्चों के संरक्षण एवं विकास के लिए ठोस कार्य किए जाएंगे।