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देवीसौड़ आर्क ब्रिज से जल्द यातायात शुरू होने की उम्मीद
Updated Fri, 23 Feb 2018 10:36 PM IST
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चिन्यालीसौड़ (उत्तरकाशी)। देवीसौड़ पुल के टिहरी बांध झील में समाने के बाद से दिचली गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों की 11 साल बाद भी मुसीबतें कम नहीं हुई। हालांकि अब पुल का सिविल वर्क पूरा होने के साथ ही आर्क के पैनल जोड़ने का काम अंतिम चरणों में है। पुनर्वास विभाग के अधिकारी मई-जून तक पुल से यातायात चालू होने का दावा कर रहे हैं।
वर्ष 2006-07 में टिहरी बांध झील का जलस्तर चिन्यालीसौड़ तक पहुंचने पर यहां देवीसौड़ में बना झूला पुल झील में समा गया था, जिससे दिचली-गमरी क्षेत्र के 40 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए। हालांकि इन गांवों तक आवाजाही के लिए टीएचडीसी ने मोटरबोट की व्यवस्था की। साथ ही धरासू होते हुए सड़क यातायात बहाल किया, लेकिन इस रास्ते ग्रामीणों को 17 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2012 में 37 करोड़ रुपये की लागत से देवीसौड़ पुल निर्माण को स्वीकृति दी थी। कार्यदायी संस्था पुनर्वास विभाग टिहरी ने जून 2013 में पुल का निर्माण शुरू किया। अनुबंध के मुताबिक 18 माह में 162 मीटर लंबा और 24 टन भारवहन क्षमता का पुल तैयार किया जाना था। काम की धीमी रफ्तार के चलते अभी तक पुल तैयार नहीं हो पाया है और इसकी लागत भी 37 करोड़ से बढ़कर 52.75 करोड़ पहुंच चुकी है।
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देवीसौड़ में बन रहा आर्क ब्रिज उत्तराखंड का पहला ऐसा पुल है। पुल का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। आर्क के चार पैनल जोड़ने शेष हैं। जल्द ही इसकी डेक तैयार कर मई-जून तक पुल से यातायात चालू कर दिया जाएगा।
सुबोध मैठाणी, ईई पुनर्वास विभाग टिहरी।
पुल के निर्माण में देरी से दिचली-गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल बनने से ग्रामीणों को तो मुसीबतों से छुटकारा मिलेगा ही, साथ ही झील पर बना यह आर्क ब्रिज पर्यटन को भी आकर्षित करेगा।
शूरवीर रांगड़, पालिकाध्यक्ष चिन्यालीसौड़।
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वर्ष 2006-07 में टिहरी बांध झील का जलस्तर चिन्यालीसौड़ तक पहुंचने पर यहां देवीसौड़ में बना झूला पुल झील में समा गया था, जिससे दिचली-गमरी क्षेत्र के 40 से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए। हालांकि इन गांवों तक आवाजाही के लिए टीएचडीसी ने मोटरबोट की व्यवस्था की। साथ ही धरासू होते हुए सड़क यातायात बहाल किया, लेकिन इस रास्ते ग्रामीणों को 17 किमी की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
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ग्रामीणों की समस्या को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2012 में 37 करोड़ रुपये की लागत से देवीसौड़ पुल निर्माण को स्वीकृति दी थी। कार्यदायी संस्था पुनर्वास विभाग टिहरी ने जून 2013 में पुल का निर्माण शुरू किया। अनुबंध के मुताबिक 18 माह में 162 मीटर लंबा और 24 टन भारवहन क्षमता का पुल तैयार किया जाना था। काम की धीमी रफ्तार के चलते अभी तक पुल तैयार नहीं हो पाया है और इसकी लागत भी 37 करोड़ से बढ़कर 52.75 करोड़ पहुंच चुकी है।
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देवीसौड़ में बन रहा आर्क ब्रिज उत्तराखंड का पहला ऐसा पुल है। पुल का सिविल वर्क पूरा हो चुका है। आर्क के चार पैनल जोड़ने शेष हैं। जल्द ही इसकी डेक तैयार कर मई-जून तक पुल से यातायात चालू कर दिया जाएगा।
सुबोध मैठाणी, ईई पुनर्वास विभाग टिहरी।
पुल के निर्माण में देरी से दिचली-गमरी क्षेत्र के ग्रामीणों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुल बनने से ग्रामीणों को तो मुसीबतों से छुटकारा मिलेगा ही, साथ ही झील पर बना यह आर्क ब्रिज पर्यटन को भी आकर्षित करेगा।
शूरवीर रांगड़, पालिकाध्यक्ष चिन्यालीसौड़।