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कुंड की जातर में बालिकाओं और बुजुर्गों को मिलेगा बाबा बौखनाग गंगनाणी सम्मान
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:37 PM IST
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। पौराणिक गंगनाणी मेला ‘कुंड की जातर’ में इस वर्ष प्रतिभावान बालिकाओं और समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले बुजुर्गों को सम्मानित किया जाएगा। 13 फरवरी से शुरू हो रहे मेले का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत करेंगे।
जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा ने बताया कि ‘हमारे बुजुर्ग हमारी विरासत’ व ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ को सार्थक करते हुए दस लोगों को बाबा बौखनाग गंगनाणी सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बालिकाओं में रेखा चौहान (नगाण गांव की अंतरराष्ट्रीय स्तर की धाविका), पुष्पा बहुगुणा (मोल्डा गांव की बाल वैज्ञानिक), मीनाक्षी रावत (भाटिया गांव की उत्तराखंड खो-खो टीम की कप्तान), प्रीति आर्य (पुरोला निवासी बाल वैज्ञानिक) तथा सुधा नौटियाल (पुरोला निवासी युवा उद्यमी) को सम्मान दिया जाएगा। बुजुर्गों में नीलांबर दास (गंगनाणी के पौराणिक मंदिर शैली के कलाकार), नाम दास (कंसेरू गांव के ढोल वादक), चैन सिंह जयाड़ा (डख्याट गांव के समाज सेवी), विशालमणी रतूड़ी (होटल व्यवसायी) तथा युद्धवीर रावत (खलाड़ी गांव के प्रगतिशील काश्तकार) को सम्मानित किया जाएगा।
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जिला पंचायत अध्यक्ष जशोदा राणा ने बताया कि ‘हमारे बुजुर्ग हमारी विरासत’ व ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ को सार्थक करते हुए दस लोगों को बाबा बौखनाग गंगनाणी सम्मान दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बालिकाओं में रेखा चौहान (नगाण गांव की अंतरराष्ट्रीय स्तर की धाविका), पुष्पा बहुगुणा (मोल्डा गांव की बाल वैज्ञानिक), मीनाक्षी रावत (भाटिया गांव की उत्तराखंड खो-खो टीम की कप्तान), प्रीति आर्य (पुरोला निवासी बाल वैज्ञानिक) तथा सुधा नौटियाल (पुरोला निवासी युवा उद्यमी) को सम्मान दिया जाएगा। बुजुर्गों में नीलांबर दास (गंगनाणी के पौराणिक मंदिर शैली के कलाकार), नाम दास (कंसेरू गांव के ढोल वादक), चैन सिंह जयाड़ा (डख्याट गांव के समाज सेवी), विशालमणी रतूड़ी (होटल व्यवसायी) तथा युद्धवीर रावत (खलाड़ी गांव के प्रगतिशील काश्तकार) को सम्मानित किया जाएगा।
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