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पोखरी के ग्रामीणों ने दिया धरना तो डांग के ग्रामीणों ने पेड़ों को बांधे रक्षासूत्र
Updated Sun, 28 Jan 2018 09:48 PM IST
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उत्तरकाशी। निम बैंड से पोखरी गांव तक महज आठ सौ मीटर लंबी सड़क को लेकर डांग एवं पोखरी गांव के बीच चल रहा विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद सड़क का काम शुरू न होने पर जहां पोखरी के ग्रामीण रविवार को भी कलक्ट्रेट में धरने पर डटे रहे। वहीं डांग के ग्रामीणों ने सड़क एलाइनमेंट में आ रहे पेड़ों पर रक्षासूत्र बांध कर सड़क का विरोध किया।
पोखरी गांव के ग्रामीण रविवार को पांचवें दिन भी कलक्ट्रेट में धरने पर डटे रहे। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि दो साल पहले हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण के पक्ष में फैसला दिया है। इसके बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस मौके पर राकेश नेगी, जगत राणा, पूजा नेगी, भरतदेई, कुसुम कैंतुरा, सुनीता नेगी मौजूद रहे।
वहीं अब डांग के ग्रामीणों ने भी सड़क निर्माण का विरोध तेज कर दिया है। रविवार को पर्यावरणविदों के साथ मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क एलाइनमेंट में आ रहे चीड़ के पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर इनके संरक्षण का संकल्प लिया। ग्रीन चिपको सत्याग्रह आंदोलन के बैनर तले हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महज 37 परिवारों वाले पोखरी तोक में न तो बागीचे हैं और न ही सब्जी आदि नकदी फसलों का उत्पादन होता है। ऐसे में इस गांव के लिए सड़क बनाने के नाम पर सैकड़ों पेड़ काटा जाना औचित्यहीन है। उन्होंने निम बैंड के बजाय डांग गांव की ओर से ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर बनाई गई सड़क को ही पोखरी गांव तक पहुंचाने की मांग की। इस मौके पर पर्यावरणविद् सुरेश भाई, नागेंद्र जगूड़ी, अभिषेक जगूड़ी, प्रताप चौहान, केसर सिंह पंवार, रजनी नाथ, अनीता गुसाईं, सुलोचना कलूड़ा, कुसुम गुसाईं आदि मौजूद रहे।
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पोखरी गांव के ग्रामीण रविवार को पांचवें दिन भी कलक्ट्रेट में धरने पर डटे रहे। धरना स्थल पर हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि दो साल पहले हाईकोर्ट ने सड़क निर्माण के पक्ष में फैसला दिया है। इसके बावजूद प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इस मौके पर राकेश नेगी, जगत राणा, पूजा नेगी, भरतदेई, कुसुम कैंतुरा, सुनीता नेगी मौजूद रहे।
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वहीं अब डांग के ग्रामीणों ने भी सड़क निर्माण का विरोध तेज कर दिया है। रविवार को पर्यावरणविदों के साथ मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने सड़क एलाइनमेंट में आ रहे चीड़ के पेड़ों पर रक्षासूत्र बांधकर इनके संरक्षण का संकल्प लिया। ग्रीन चिपको सत्याग्रह आंदोलन के बैनर तले हुए कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि महज 37 परिवारों वाले पोखरी तोक में न तो बागीचे हैं और न ही सब्जी आदि नकदी फसलों का उत्पादन होता है। ऐसे में इस गांव के लिए सड़क बनाने के नाम पर सैकड़ों पेड़ काटा जाना औचित्यहीन है। उन्होंने निम बैंड के बजाय डांग गांव की ओर से ग्रामीणों द्वारा श्रमदान कर बनाई गई सड़क को ही पोखरी गांव तक पहुंचाने की मांग की। इस मौके पर पर्यावरणविद् सुरेश भाई, नागेंद्र जगूड़ी, अभिषेक जगूड़ी, प्रताप चौहान, केसर सिंह पंवार, रजनी नाथ, अनीता गुसाईं, सुलोचना कलूड़ा, कुसुम गुसाईं आदि मौजूद रहे।
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