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आग से धधक रहा मुखबा का जंगल
Updated Sun, 03 Dec 2017 10:54 PM IST
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उत्तरकाशी। गंगोत्री के मुखबा क्षेत्र के जंगल बीते दो दिनों से आग में धधक रहे हैं। शनिवार दोपहर से लगी आग पर रविवार देर शाम तक भी काबू नहीं पाया जा सका है।
दिसंबर में जब आमतौर पर जनपद भर में बारिश और बर्फबारी शुरू हो जाती है। उस वक्त जंगलों में लगी आग ने स्थानीय लोगों को परेशान कर दिया है। जानकारी के अनुसार मुखबा गांव के पास के चीड़, देवदार, भोजपत्र, अमिल आदि छोटी झाड़ियों से पटे जंगल में शनिवार दोपहर 12 बजे अचानक आग भड़क उठी थी। गांव के सुधांशु सेमवाल ने हर्षिल फारेस्ट चौकी पर वन अग्नि को सूचना दी, जिसके बाद वनकर्मियों द्वारा आग बुझाने का प्रयास तो किया गया लेकिन पर्याप्त कर्मी न होने से आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। जिसकी वजह से अब यह आग गंगोत्री क्षेत्र के जंगलों की ओर बढ़ने लगी है। वहीं, आग से निचले गांवों के सेब के पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। वन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया है।
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दिसंबर में जब आमतौर पर जनपद भर में बारिश और बर्फबारी शुरू हो जाती है। उस वक्त जंगलों में लगी आग ने स्थानीय लोगों को परेशान कर दिया है। जानकारी के अनुसार मुखबा गांव के पास के चीड़, देवदार, भोजपत्र, अमिल आदि छोटी झाड़ियों से पटे जंगल में शनिवार दोपहर 12 बजे अचानक आग भड़क उठी थी। गांव के सुधांशु सेमवाल ने हर्षिल फारेस्ट चौकी पर वन अग्नि को सूचना दी, जिसके बाद वनकर्मियों द्वारा आग बुझाने का प्रयास तो किया गया लेकिन पर्याप्त कर्मी न होने से आग पर काबू नहीं पाया जा सका है। जिसकी वजह से अब यह आग गंगोत्री क्षेत्र के जंगलों की ओर बढ़ने लगी है। वहीं, आग से निचले गांवों के सेब के पेड़ों पर भी खतरा मंडराने लगा है। वन विभाग के अधिकारियों से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया है।
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