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राम को आदर्श मानकर करें धर्म की रक्षा
Updated Mon, 20 Nov 2017 10:22 PM IST
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उत्तरकाशी। रामलीला मैदान पर आयोजित श्री वाल्मीकि रामायण के आठवें दिन मुख्य कथा वाचक स्वामी रामानंदाचार्य ने कहा कि भगवान राम के आदर्श को जन-जन तक पहुंचाना संत महात्माओं का कार्य है। घरों में माताओं को अपने बच्चों को रामायण की कथा सुनानी चाहिए।
रामानंदाचार्य ने कहा कि भगवान राम ने अधर्म का नाश किया। इसके लिए सभी का सहयोग लिया, जिसमें वानर, भालू आदि सहयोग मांग कर धर्म की रक्षा के लिए कार्य किया। भाई के प्रति लक्ष्मण और भरत जैसा सेवा व समर्पण का भाव भी रामायण में ही देखने को मिलता है। लक्ष्मण ने 14 साल राम के वनवास के समय जो सेवा की यह एक आदर्श भाई ही कर सकता है। श्री वाल्मीकि रामायण कार्यक्रम में देवी भागवत पुराण, रामचरित मानस पाठ, हवन, वेद पाठ आदि का आयोजन भी हो रहा है। नित्य 51 ब्रह्मणों द्वारा विश्वनाथ मंदिर, केेदार मंदिर में वार्षिक अनुष्ठान कार्यक्रम किया जा रहा है। 21 नवंबर को पूर्ण धार्मिक अनुष्ठान के साथ यज्ञ समाप्त किया जाएगा।
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रामानंदाचार्य ने कहा कि भगवान राम ने अधर्म का नाश किया। इसके लिए सभी का सहयोग लिया, जिसमें वानर, भालू आदि सहयोग मांग कर धर्म की रक्षा के लिए कार्य किया। भाई के प्रति लक्ष्मण और भरत जैसा सेवा व समर्पण का भाव भी रामायण में ही देखने को मिलता है। लक्ष्मण ने 14 साल राम के वनवास के समय जो सेवा की यह एक आदर्श भाई ही कर सकता है। श्री वाल्मीकि रामायण कार्यक्रम में देवी भागवत पुराण, रामचरित मानस पाठ, हवन, वेद पाठ आदि का आयोजन भी हो रहा है। नित्य 51 ब्रह्मणों द्वारा विश्वनाथ मंदिर, केेदार मंदिर में वार्षिक अनुष्ठान कार्यक्रम किया जा रहा है। 21 नवंबर को पूर्ण धार्मिक अनुष्ठान के साथ यज्ञ समाप्त किया जाएगा।
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