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डूबते सूरज को अर्ध्य देकर की संतान सलामती की कामना
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:26 PM IST
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उत्तरकाशी। दीपावली के छठवें दिन से शुरू छठ पूजा के दूसरे दिन पूर्वांचली समुदाय की महिलाओं ने डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देकर संतान एवं परिवार की सुख एवं शांति की कामना की। साथ ही मां गंगा को निर्मल बनाने का संकल्प भी लिया।
छठ पूजा के दूसरे दिन शाम को पूर्वांचल समुदाय की महिलाएं ज्ञानसू में गंगा तट पर एकत्र हुई और डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देकर संतान की दीर्घायु की कामना की। मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से 151 दीपदान व निर्मल गंगा के तहत सफाई अभियान चलाया। साथ ही निर्मल गंगा बनाने का संकल्प पत्र भी भरे। कार्यक्रम के संयोजक उदय शर्मा ने बताया कि उत्तरकाशी में पिछले 16 सालों से छठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा, अजय प्रकाश बडोला, दारा पटेल, सुधा गुप्ता, सुदर्शन रावत, अंकित उप्पल, हरीश, रणजीत कुमार, मनमोहन, अतोल पंवार, जितेंद्र, परशुराम आदि मौजूद थे।
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छठ पूजा के दूसरे दिन शाम को पूर्वांचल समुदाय की महिलाएं ज्ञानसू में गंगा तट पर एकत्र हुई और डूबते हुए सूरज को अर्घ्य देकर संतान की दीर्घायु की कामना की। मंदिर जीर्णोद्धार समिति की ओर से 151 दीपदान व निर्मल गंगा के तहत सफाई अभियान चलाया। साथ ही निर्मल गंगा बनाने का संकल्प पत्र भी भरे। कार्यक्रम के संयोजक उदय शर्मा ने बताया कि उत्तरकाशी में पिछले 16 सालों से छठ पूजन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस मौके पर पालिकाध्यक्ष जयेंद्री राणा, अजय प्रकाश बडोला, दारा पटेल, सुधा गुप्ता, सुदर्शन रावत, अंकित उप्पल, हरीश, रणजीत कुमार, मनमोहन, अतोल पंवार, जितेंद्र, परशुराम आदि मौजूद थे।
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