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वन विभाग की अंदेखी से ग्रामीण परेशान
Updated Thu, 26 Oct 2017 10:22 PM IST
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पुरोला। मोरी ब्लॉक के नैटवाड़ क्षेत्र के 42 गांवों के लिए गोविंद वन्य जीव विहार प्रशासन की अनदेखी परेशानी का सबब बनी हुई है। क्षेत्र के धोला-मसरी मोटर मार्ग का 10 किमी हिस्सा लोनिवि तथा 9 किमी भाग वन्य विहार में होने के कारण ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मार्ग बंद होने पर लोनिवि तो मार्ग शीघ्र खोल देता है, लेकिन वन्य विहार के अधिकारियों के कई चक्कर काटने पर भी मार्ग नहीं खोला जाता है। ऐसे में ग्रामीणों ने मोटर मार्ग को लोनिवि को हस्तांतरित करने की मांग उठाई है।
मोटर मार्ग आदि सुविधाएं न होने के कारण ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलना पड़ता है। जहां मार्ग बन भी गए हैं वे भी अधिकांश वन्य विहार के पास ही हैं। लेकिन विभाग के पास कर्मचारियों की कमी के कारण बरसात एवं बर्फबारी के समय पर मार्गों को खोलने में महीनों लग जाते हैं। क्षेत्र के रोजी सिंह सौंदाण ने बताया कि अस्पताल तक पहुंचने के लिए यहां के लोग आज भी डंडी कंडी का सहारा लेते हैं। लंबे समय से मोटर मार्ग के 9 किमी हिस्से को लोनिवि में हस्तांतरित करने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में हस्तक्षेप करने कि भी मांग की है।
कोट
समय पर बजट नहीं मिलने के कारण मोटर मार्ग खोलना संभव नहीं हो पाता है। विभाग के पास कर्मचारियों की कमी भी बनी हुई है। जिससे कार्य समय से नहीं हो पाते हैं।
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- हेमशंकर मंदोला, प्रतिपालक, गोविंद वन्य जीव विहार।
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मोटर मार्ग आदि सुविधाएं न होने के कारण ग्रामीणों को कई किमी पैदल चलना पड़ता है। जहां मार्ग बन भी गए हैं वे भी अधिकांश वन्य विहार के पास ही हैं। लेकिन विभाग के पास कर्मचारियों की कमी के कारण बरसात एवं बर्फबारी के समय पर मार्गों को खोलने में महीनों लग जाते हैं। क्षेत्र के रोजी सिंह सौंदाण ने बताया कि अस्पताल तक पहुंचने के लिए यहां के लोग आज भी डंडी कंडी का सहारा लेते हैं। लंबे समय से मोटर मार्ग के 9 किमी हिस्से को लोनिवि में हस्तांतरित करने की मांग की जा रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि अगर शीघ्र ही कोई कदम नहीं उठाया गया, तो ग्रामीणों को आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस संबंध में हस्तक्षेप करने कि भी मांग की है।
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समय पर बजट नहीं मिलने के कारण मोटर मार्ग खोलना संभव नहीं हो पाता है। विभाग के पास कर्मचारियों की कमी भी बनी हुई है। जिससे कार्य समय से नहीं हो पाते हैं।
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- हेमशंकर मंदोला, प्रतिपालक, गोविंद वन्य जीव विहार।