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यमुनाघाटी में फैल रहा अफीम तस्करी का जाल
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:23 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। ब्लाक के भौंती, चोपड़ा, कसलाना, बजलाड़ी, पमाड़ी व गोडर गांवों में प्रत्येक वर्ष खुलेआम अफीम की खेती की जाती है, जिसे स्थानीय व बाहरी तस्करों के माध्यम से बड़े शहरों में बेचा जा रहा है।
इस वर्ष जून में राजस्व पुलिस तथा वन विभाग ने टीमें गठित कर इन गांवों से बड़ी मात्रा में अफीम की खेती को नष्ट किया था, लेकिन उससे पहले ही लोकल तस्कर पोस्त के डोडा पर चीरा लगाकर अफीम निकाल चुके थे। जिन्हें अब चोरी छिपे बड़े तस्करों को सप्लाई किया जा रहा हैै। इस वर्ष अफीम की तस्करी करते पमाड़ी, बजलाड़ी, चोपड़ा तथा कसलाना गांव के चार युवकों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि कई पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। थानाध्यक्ष पुरोला बीएस चौहान का कहना है कि यह सब राजस्व क्षेत्र का मामला है। पुलिस क्षेत्र में कहीं भी अफीम कर खेती नहीं हो रही है। इसके बाद भी पुलिस की ओर से तस्करी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नशे को रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत है।
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इस वर्ष जून में राजस्व पुलिस तथा वन विभाग ने टीमें गठित कर इन गांवों से बड़ी मात्रा में अफीम की खेती को नष्ट किया था, लेकिन उससे पहले ही लोकल तस्कर पोस्त के डोडा पर चीरा लगाकर अफीम निकाल चुके थे। जिन्हें अब चोरी छिपे बड़े तस्करों को सप्लाई किया जा रहा हैै। इस वर्ष अफीम की तस्करी करते पमाड़ी, बजलाड़ी, चोपड़ा तथा कसलाना गांव के चार युवकों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है, जबकि कई पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। थानाध्यक्ष पुरोला बीएस चौहान का कहना है कि यह सब राजस्व क्षेत्र का मामला है। पुलिस क्षेत्र में कहीं भी अफीम कर खेती नहीं हो रही है। इसके बाद भी पुलिस की ओर से तस्करी को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। नशे को रोकने के लिए ग्रामीणों को जागरूक करने की जरूरत है।
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