{"_id":"59d905844f1c1b79548b6250","slug":"150739500414-utter-kashi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवनिर्मित पुल का खस्ताहाल एप्रोच बना मुसिबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवनिर्मित पुल का खस्ताहाल एप्रोच बना मुसिबत
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नौगांव (उत्तरकाशी)। नगर पंचायत स्थित यमुनोत्री हाईवे पर नव निर्मित पुल के दोनों छोर में डामरीकरण नहीं होने से लोग काफी परेशान है। पुल के कच्चे हिस्से से निकले मलबे के कारण नालियां चोक हो गई हैं, जिससे कई तरह की बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। लोगों ने विभाग से एप्रोच मार्ग के डामरीकरण व नालियों की सफाई कराने की मांग की है।
राजामार्ग निर्माण खंड की ओर से मई में तीन करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 15 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया था। यात्रा को देखते हुए आनन-फानन में पुल से आवाजाही भी शुरू करा दी गई। लेकिन पुल के एप्रोच मार्ग में डामरीकरण करना छोड़ दिया गया। पुल बनाने वाली कंपनी ने भी सिर्फ पत्थर और मिट्टी बिछाकर काम चलाऊ मार्ग तैयार कर दिया, जिससे मार्ग से निकलने वाला मलबा नाली में भर गया। वहीं कच्चा रास्ता होने की वजह से आए दिन दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल का कहना है कि पुल के निर्माण के दौरान ही कई तरह की कमियां पाई गई थी। विभागीय इंजीनियरों की ओर से कुछ भवन स्वामियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुल की दिशा भी बदली गई थी। अब स्थिति यह है कि पुल पर बने अंधे मोड़ से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने शीघ्र नाली की सफाई व पुल के एप्रोच मार्ग में डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, सहायक अभियंता अंकित नौटियाल ने बताया कि पुल की दोनों छोर पर कच्चा मार्ग तैयार किया गया था, जो पानी से उखड़ गया। अब नया कार्य स्वीकृत हुआ है, जिसके तहत टाइल्स बिछाई जानी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजामार्ग निर्माण खंड की ओर से मई में तीन करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से 15 मीटर लंबे पुल का निर्माण किया गया था। यात्रा को देखते हुए आनन-फानन में पुल से आवाजाही भी शुरू करा दी गई। लेकिन पुल के एप्रोच मार्ग में डामरीकरण करना छोड़ दिया गया। पुल बनाने वाली कंपनी ने भी सिर्फ पत्थर और मिट्टी बिछाकर काम चलाऊ मार्ग तैयार कर दिया, जिससे मार्ग से निकलने वाला मलबा नाली में भर गया। वहीं कच्चा रास्ता होने की वजह से आए दिन दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है।
विज्ञापन
व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश असवाल का कहना है कि पुल के निर्माण के दौरान ही कई तरह की कमियां पाई गई थी। विभागीय इंजीनियरों की ओर से कुछ भवन स्वामियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुल की दिशा भी बदली गई थी। अब स्थिति यह है कि पुल पर बने अंधे मोड़ से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। उन्होंने शीघ्र नाली की सफाई व पुल के एप्रोच मार्ग में डामरीकरण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। उधर, सहायक अभियंता अंकित नौटियाल ने बताया कि पुल की दोनों छोर पर कच्चा मार्ग तैयार किया गया था, जो पानी से उखड़ गया। अब नया कार्य स्वीकृत हुआ है, जिसके तहत टाइल्स बिछाई जानी है।
विज्ञापन