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फैट टेस्टिंग मशीन ने बिचौलियों का गणित बिगाड़ा
Updated Thu, 28 Sep 2017 10:35 PM IST
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उत्तरकाशी। दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ की ओर से फैट के आधार पर दूध के दाम निर्धारित करने वाली फैट टेस्टिंग मशीन लगाई गई है, जिससे पशु पालकों को बिचौलियों से मुक्ति मिलने के साथ ही उत्पादन भी दोगुना हो गया है। मशीन के माप के आधार पर कई पशु पालकों के दूध का फैट लेवल 12 से ज्यादा पाया गया है, जिसके बाद संघ दूध की कीमत 33 के बजाय 47 रुपये प्रति लीटर करने पर विचार कर रही है।
जिले की दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ की मातली स्थित डेयरी की क्षमता लगभग पांच हजार लीटर की है। अभी संघ 115 समितियों से 1500 लीटर दूध ही एकत्र कर पा रहा है। जिले की गंगा घाटी में अमूल, आनंदा आदि कई कंपनियों का 6 हजार लीटर दूध तथा मठ्ठा महंगे दाम पर गंगोत्री तक पहुंच रहा है। दुग्ध सहकारी संघ के मैनेजर हरी सिंह के अनुसार 18 साल से उनकी डेयरी घाटे में चल रही थी, लेकिन नए प्रयासों के कारण अब वे मुनाफे में आ गई है। पूर्व में दुग्ध समिति के प्रतिनिधि मनमाने ढंग से फैट की मात्रा तय कर सभी दुग्ध उत्पादकों को एक जैसा दाम देते थे। अब 89000 की लागत वाली फैट टेस्टिंग मशीनें लगने से स्थिति में बदलाव आ गया है। कई समितियों में फैट लेवल 13 से 15 तक पहुंच रहा है। जिसके आधार पर उनके दूध की कीमत भी बढ़ रही है। हालांकि अभी मशीन को 12 फैट लेवल तक की बिलिंग के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन अब कंपनी से री-डिजाइन के लिए अनुरोध किया जा रहा है। दुग्ध संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र नौटियाल ने कहा कि मातली डेयरी में बीते तीन माह में दुग्ध उत्पादन दोगुना हुआ है। इसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। लाइव स्टोक बोर्ड की रिपोर्ट में जिले में 1.58 लाख मिट्रिक टन चारे की कमी बताई गई है।
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जिले की दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ की मातली स्थित डेयरी की क्षमता लगभग पांच हजार लीटर की है। अभी संघ 115 समितियों से 1500 लीटर दूध ही एकत्र कर पा रहा है। जिले की गंगा घाटी में अमूल, आनंदा आदि कई कंपनियों का 6 हजार लीटर दूध तथा मठ्ठा महंगे दाम पर गंगोत्री तक पहुंच रहा है। दुग्ध सहकारी संघ के मैनेजर हरी सिंह के अनुसार 18 साल से उनकी डेयरी घाटे में चल रही थी, लेकिन नए प्रयासों के कारण अब वे मुनाफे में आ गई है। पूर्व में दुग्ध समिति के प्रतिनिधि मनमाने ढंग से फैट की मात्रा तय कर सभी दुग्ध उत्पादकों को एक जैसा दाम देते थे। अब 89000 की लागत वाली फैट टेस्टिंग मशीनें लगने से स्थिति में बदलाव आ गया है। कई समितियों में फैट लेवल 13 से 15 तक पहुंच रहा है। जिसके आधार पर उनके दूध की कीमत भी बढ़ रही है। हालांकि अभी मशीन को 12 फैट लेवल तक की बिलिंग के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन अब कंपनी से री-डिजाइन के लिए अनुरोध किया जा रहा है। दुग्ध संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र नौटियाल ने कहा कि मातली डेयरी में बीते तीन माह में दुग्ध उत्पादन दोगुना हुआ है। इसे भविष्य में और बढ़ाया जाएगा। लाइव स्टोक बोर्ड की रिपोर्ट में जिले में 1.58 लाख मिट्रिक टन चारे की कमी बताई गई है।
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