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आपदा में फंसे ग्रामीणों के लिए बना देवदूत
प्रमोद सेमवाल
Updated Fri, 26 Jul 2013 08:08 AM IST
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आपदा पीड़ितों के लिए यह ग्रामीण युवा मसीहा से कम नहीं है। मंगरोली गांव निवासी तेजवीर कंडेरी उर्फ तेजू अभी तक 150 से भी अधिक लोगों की जिंदगी बचा चुका है। तेजू तेफना गदेरे में आई बाढ़ में भी कई परिवारों के लिए देवदूत बनकर आया।
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तेजू को बुधवार सुबह सात बजे जैसे ही पता चला कि बादल फटने से तेफना गदेरा गांवों की ओर पलट गया है, तो वह गांव की ओर चल पड़ा। अदम्य साहस का परिचय देकर नंदप्रयाग-घाट मोटर मार्ग पर बह रहे गदेरे पर पेड़ों की बल्लियां और बिजली के पोल डालकर वैकल्पिक पुल बनाया।
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इससे 50 ग्रामीण सुरक्षित स्थानों पर चले गए। तेजू ने बांतोली और तेफना के युवाओं को एकत्र कर गांव के प्राचीन रास्तों में अटकी पेड़ों की टहनियों को हटाया, जिससे पानी की निकासी हो पाई। इसके पश्चात तेजू बांतोली गांव पहुंचा। यहां क्षतिग्रस्त भवन के अंदर रेनू देवी के पांव का आधा हिस्सा दिख रहा था।
दम तोड़ चुकी थी महिला
महिला के जीवित होने की आस में तेजू ने युवाओं को एकत्र कर लेंटर तोड़ना शुरू किया और महिला तक पहुंचे। हालांकि महिला इससे पहले दम तोड़ चुकी थी। तेफना गांव के 80 साल के रघुवीर सिंह का कहना है कि तेजू के साहस ने क्षेत्र के अन्य युवाओं में भी जोश भर दिया है।
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