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हर रात बरस रही है आफत, लोग सहमे
गढ़वाल/ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2013 07:40 AM IST
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प्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट पर बना गंगा मंदिर बृहस्पतिवार रात को उफनाई भागीरथी नदी में बह गया। जबकि कई जिलों में रोजाना रात में मूसलाधार और दिन में रुक-रुक कर हो रही बारिश से आपदा प्रभावितों की दुश्वारियां बढ़ती जा रही है।
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वर्ष 1991 को आए भूकंप के बाद बने इस मंदिर के तटवर्ती हिस्से का पिछले साल की बारिश से कटान हो रहा था। जड़भरत घाट की ओर पिछले साल बाढ़ के बाद लगाया गया पुश्ता भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे नगर की तटवर्ती आबादी पर खतरा बढ़ता जा रहा है। जोशियाड़ा वाले हिस्से में भी कटाव बढ़ने से भवन धीरे-धीरे ढह रहे हैं। यहां नदी किनारे मलबा डालकर रास्ता तैयार करने तथा वायरक्रेट बिछाने का कार्य ठप पड़ा हुआ है।
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23 भवन खतरे की जद में
बारिश से चमोली में चुफलागाड़ गदेरे के उफान में लांखी गांव में तीन भवन बह गए और 23 भवन खतरे की जद में है। इधर घाट बाजार में भी150 मकानों को खतरा बना हुआ है। बृहस्पतिवार रात हुई बारिश से यमुनोत्री-गंगोत्री, बदरीनाथ, दिल्ली-यमुनोत्री, केदारनाथ हाईवे बंद हो गया है। जिले में अब तक बीस से ज्यादा सड़कें अवरुद्ध हैं। बंदरकोट और बड़ेथी चुंगी में टूटी सड़क तीन दिन बाद खुली, लेकिन हल्की सी बारिश फिर यातायात पर ब्रेक लग गया है। सड़कें बंद होने से सौ से अधिक गांव अलग-थलग पड़ गए हैं।
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कर्णप्रयाग में बारिश से बज्वाड़ और सांकरी गांव में दो मकान ढह गए हैं। मुख्य बाजार के निकट पहाड़ी से पत्थर गिरने से मकानों और दुकानों को खतरा पैदा हो गया है। गैरसैंण के बछुवावांण-मेहलचौरी-बैजरों (बीएमबी) मोटर मार्ग पर तमनी घाट (रोहिडा) के पास स्क्रबर टूटने से नागुचलाल खाल के बड़े वाहनों की आवाजाही नहीं हो रही है, जिससे रसद, सब्जी और अन्य वस्तुओं की सप्लाई ठप हो गई है।
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टिहरी स्थित दिल्ली- यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग मरोड़ के पास सड़क बहने से शुक्रवार को दिनभर बंद रहा। राष्ट्रीय राजमार्ग सिलेसू के पास सड़क की सुरक्षा दीवार ढहने से छह घंटे तक बंद रहा। केदारनाथ हाईवे पर सिल्ली में भूस्खलन नहीं रुक रहा है। इससे शुक्रवार को भी राजमार्ग सात घंटे बंद रहा। उधर थराली-देवाल-मुंदोली मोटर मार्ग दिनभर बंद रहा। ग्राम पंचायत कोठी और ऊंणी के बीच हो रहे भूस्खलन के कारण मार्ग पर भारी मात्रा में मलबा आ गया, जिससे यातायात बाधित रहा। वहीं बारिश से कोठी, ऊंणी और नंदकेशरी में मार्ग अवरुद्ध हो गया है।
केदारनाथ पैदल मार्ग तलाश कर पहुंची टीम
राहत आयुक्त डॉ. वीवीआरसी पुरुषोत्तम के नेतृत्व में गई प्रशासनिक टीम ने गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक नया पैदल मार्ग तलाश लिया है। शीघ्र ही इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। केदारनाथ से लौटे राहत आयुक्त ने बताया कि धाम में विद्युत, पेयजल और संचार समेत अन्य सुविधाएं तभी बहाल हो सकती हैं, जब पैदल मार्ग दुरुस्त हो। शासन की प्रथम प्राथमिकता पैदल मार्ग को व्यवस्थित करने की है।
तीसरे दिन भी नहीं लगा एसडीएम का सुराग
केदारनाथ में मंदाकिनी नदी में बहे एसडीएम अजय अरोड़ा का तीसरे दिन भी पता नहीं चल पाया है। गढ़वाल आयुक्त सुवर्द्धन और डीआईजी जीएस मर्तोलिया ने संयुक्त रूप से गौरीकुंड से केदारनाथ तक मंदाकिनी नदी में लो फ्लाइंग के जरिए सघन खोजबीन की। इसके अलावा रामबाड़ा, गौरीकुंड, सोनप्रयाग और श्रीनगर जल विद्युत परियोजना में भी जाल लगाकर सर्च किया जा रहा है।
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