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Udham Singh Nagar News: फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र लगाकर गुरुजी बना युवक निलंबित
Sun, 31 May 2026 12:28 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 31 May 2026 12:28 AM IST
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रुद्रपुर। शिक्षा विभाग में फर्जी टीईटी प्रमाणपत्र लगाकर शिक्षक बने युवक पर विभागीय गाज गिर गई। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ऊधमसिंह नगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बन्नाखेड़ा, विकासखंड बाजपुर में तैनात सहायक अध्यापक सुधीर कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा-प्रथम 2023 का कूटरचित प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर विभाग को गुमराह किया और सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली।
मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विभाग की ओर से शिक्षकों के शैक्षिक और व्यावसायिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसी दौरान सुधीर कुमार के प्रमाणपत्रों की जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई। विभागीय जांच के क्रम में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि संबंधित अभ्यर्थी का यूटीईटी-प्रथम 2023 परीक्षा परिणाम परिषद के अभिलेखों में नॉट क्वालिफाइड दर्ज है जबकि नियुक्ति के समय पेश अंकपत्र में उत्तीर्ण दर्शाया गया था।
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शिक्षा परिषद की आधिकारिक रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में सुधीर कुमार को उनके मूल विद्यालय से हटाकर उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बाजपुर से संबद्ध किया गया है।
सीईओ ने कहा कि सरकारी सेवा में प्रवेश के लिए जाली दस्तावेजों का प्रयोग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। आगे भी दस्तावेज की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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ऊधमसिंह नगर के राजकीय प्राथमिक विद्यालय बन्नाखेड़ा, विकासखंड बाजपुर में तैनात सहायक अध्यापक सुधीर कुमार पर आरोप है कि उन्होंने उत्तराखंड अध्यापक पात्रता परीक्षा-प्रथम 2023 का कूटरचित प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर विभाग को गुमराह किया और सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति प्राप्त कर ली।
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मुख्य शिक्षा अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि विभाग की ओर से शिक्षकों के शैक्षिक और व्यावसायिक अभिलेखों का सत्यापन कराया जा रहा है। इसी दौरान सुधीर कुमार के प्रमाणपत्रों की जांच में गंभीर अनियमितता सामने आई। विभागीय जांच के क्रम में उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा परिषद रामनगर से प्राप्त रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि संबंधित अभ्यर्थी का यूटीईटी-प्रथम 2023 परीक्षा परिणाम परिषद के अभिलेखों में नॉट क्वालिफाइड दर्ज है जबकि नियुक्ति के समय पेश अंकपत्र में उत्तीर्ण दर्शाया गया था।
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शिक्षा परिषद की आधिकारिक रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने मामले को गंभीर धोखाधड़ी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि में सुधीर कुमार को उनके मूल विद्यालय से हटाकर उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय, बाजपुर से संबद्ध किया गया है।
सीईओ ने कहा कि सरकारी सेवा में प्रवेश के लिए जाली दस्तावेजों का प्रयोग करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। आगे भी दस्तावेज की जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।