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फर्जी सर्टिफिकेट देने का आरोप, रोजगार की मांग के लिए प्रदर्शन
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डीके सिंह।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। अशोक लीलैंड से आशीर्वाद योजना के तहत ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा लेने वाले युवाओं ने कंपनी गेट पर धरना दिया। उन्होंने प्रबंधन पर फर्जी डिप्लोमा सर्टिफिकेट देने का आरोप लगाते हुए कंपनी में स्थायी रोजगार देने की मांग की।
धरने पर कंपनी में डिप्लोमा कोर्स कर रहे प्रशिक्षुओं ने भी शिरकत की। करीब पांच घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद तहसीलदार की मध्यस्थता में आंदोलनकारियों और कंपनी प्रबंधन की वार्ता के बाद युवाओं ने 16 फरवरी तक आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
मंगलवार को सिडकुल के सेक्टर 12 में स्थित अशोका कंपनी गेट के सामने बड़ी संख्या में डिप्लोमाधारी युवक, युवतियों के साथ प्रशिक्षुओं ने स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर रैली निकालकर धरना देकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश, हिमांशु गाबा, संदीप चीमा, सुशील गाबा, हरीश पनेरु, नंदलाल ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों की मांगों को जायज करार दिया।
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डिप्लोमाधारियों ने बताया कि वर्ष 2010 में राज्य सरकार की एनटीटीएफ (आशीर्वाद योजना) के तहत अशोक लीलैंड के साथ अनुबंध किया गया था। इसमें ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार प्रदान करना था। योजना के तहत 400 युवाओं को कंपनी प्रबंधन ने स्थायी रोजगार भी दिया लेकिन वर्ष 2018 के बाद से कंपनी प्रबंधन की ओर से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया गया।
एनटीटीएफ योजना के तहत राज्य के अंदर ही सिडकुल की कंपनियां नौकरी देने से इनकार कर रही हैं। चार वर्ष के डिप्लोमा में पांच वर्ष का समय लिया गया था। इसके सापेक्ष युवाओं को मात्र 5500 रुपये प्रतिमाह दिए गए। आरोप लगाया कि युवाओं के वास्तविक शैक्षिक प्रमाण पत्र कंपनी ने डिप्लोमा पूरा होने तक अपने पास रख लिए थे।
उन्होंने कहा कि डिप्लोमा पूरे होने के बाद भी उन्हें कहीं दूसरी जगह नौकरी नहीं मिल रही है। अन्य कंपनियां डिप्लोमा को मानने से इनकार कर रही हैं। तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा की मौजूदगी में प्रबंधन से आंदोलनकारियों की वार्ता के बाद आंदोलन खत्म हो गया। वहां योगेश, ओमप्रकाश, राजेंद्र, सोनी, विजिया, ऊषा, साक्षी, दीक्षा आदि युवा थे।
युवा बोले-राज्य सरकार ने ये कैसा ‘आशीर्वाद’ दिया
कंपनी में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का चार साल का डिप्लोमा होता है लेकिन मुझे पांच साल हो गए हैं, अभी तक डिप्लोमा पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि आठवें सेमेस्टर के हिसाब से कंपनी की ओर से 15 हजार का वेतन मिल रहा है लेकिन स्थायी नौकरी नहीं दी गई। - मोनिका रावत, रुद्रपुर।
किसी दूसरी कंपनी में नौकरी करने जाते हैं तो वह एनटीटीएफ डिप्लोमा को फर्जी बताते हैं। चार साल का डिप्लोमा होना था, छह साल हो गए हैं। अभी तक डिप्लोमा का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। - तृप्ति नेगी, रुद्रपुर।
इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा हो गया है लेकिन इस प्रमाणपत्र से कोई भी कंपनी नौकरी पर रखने से मना कर रही है। कंपनियों की ओर से इसे फर्जी बताया जा रहा है। दो साल से बेरोजगार घूम रहा हूं। - अमरेश, रुद्रपुर।
अल्मोड़ा से बीएससी की पढ़ाई अधूरी छोड़कर यहां से डिप्लोमा किया। हरिद्वार की औद्योगिक कंपनियों में नौकरी ढूंढने गया। सभी कंपनी प्रबंधन की ओर से मेरे डिप्लोमा को फर्जी बता कर नौकरी नहीं दी गई। - अनिल जोशी, अल्मोड़ा।
एनटीटीएफ डिप्लोमा में अभी तक 886 युवा अशोक लीलैंड से पास हो चुके हैं। इसमें से 724 लोगों को नौकरी पर रखा गया है। युवा कंपनी छोड़कर कहीं और जाना नहीं चाहते हैं। कंपनियों की ओर से डिप्लोमा को फर्जी बताया जाना गलत है। उत्पादन के हिसाब से युवाओं को कंपनी में रखा जाता है। अभी कंपनी में वेकैंसी नहीं है। इस वजह से इन्हें रख भी नहीं सकते हैं। - डीके सिंह, एचआर हेड, अशोक लीलैंड।
आशीर्वाद योजना के नाम पर भाई-बहनों के साथ बड़ा धोखा किया गया है। चार साल का डिप्लोमा छह साल में कराया गया था। नौजवानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि 16 फरवरी तक इन नौजवानों के स्थायी रोजगार को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। - सुमित हृदयेश, कांग्रेस नेता।
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धरने पर कंपनी में डिप्लोमा कोर्स कर रहे प्रशिक्षुओं ने भी शिरकत की। करीब पांच घंटे तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद तहसीलदार की मध्यस्थता में आंदोलनकारियों और कंपनी प्रबंधन की वार्ता के बाद युवाओं ने 16 फरवरी तक आंदोलन को स्थगित कर दिया है।
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मंगलवार को सिडकुल के सेक्टर 12 में स्थित अशोका कंपनी गेट के सामने बड़ी संख्या में डिप्लोमाधारी युवक, युवतियों के साथ प्रशिक्षुओं ने स्थायी नियुक्ति की मांग को लेकर रैली निकालकर धरना देकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेता सुमित हृदयेश, हिमांशु गाबा, संदीप चीमा, सुशील गाबा, हरीश पनेरु, नंदलाल ने धरनास्थल पर पहुंचकर आंदोलनकारियों की मांगों को जायज करार दिया।
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डिप्लोमाधारियों ने बताया कि वर्ष 2010 में राज्य सरकार की एनटीटीएफ (आशीर्वाद योजना) के तहत अशोक लीलैंड के साथ अनुबंध किया गया था। इसमें ग्रामीण पृष्ठभूमि के युवाओं को औद्योगिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार प्रदान करना था। योजना के तहत 400 युवाओं को कंपनी प्रबंधन ने स्थायी रोजगार भी दिया लेकिन वर्ष 2018 के बाद से कंपनी प्रबंधन की ओर से युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ शुरू कर दिया गया।
एनटीटीएफ योजना के तहत राज्य के अंदर ही सिडकुल की कंपनियां नौकरी देने से इनकार कर रही हैं। चार वर्ष के डिप्लोमा में पांच वर्ष का समय लिया गया था। इसके सापेक्ष युवाओं को मात्र 5500 रुपये प्रतिमाह दिए गए। आरोप लगाया कि युवाओं के वास्तविक शैक्षिक प्रमाण पत्र कंपनी ने डिप्लोमा पूरा होने तक अपने पास रख लिए थे।
उन्होंने कहा कि डिप्लोमा पूरे होने के बाद भी उन्हें कहीं दूसरी जगह नौकरी नहीं मिल रही है। अन्य कंपनियां डिप्लोमा को मानने से इनकार कर रही हैं। तहसीलदार डॉ. अमृता शर्मा की मौजूदगी में प्रबंधन से आंदोलनकारियों की वार्ता के बाद आंदोलन खत्म हो गया। वहां योगेश, ओमप्रकाश, राजेंद्र, सोनी, विजिया, ऊषा, साक्षी, दीक्षा आदि युवा थे।
युवा बोले-राज्य सरकार ने ये कैसा ‘आशीर्वाद’ दिया
कंपनी में ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग का चार साल का डिप्लोमा होता है लेकिन मुझे पांच साल हो गए हैं, अभी तक डिप्लोमा पूरा नहीं हो पाया है। हालांकि आठवें सेमेस्टर के हिसाब से कंपनी की ओर से 15 हजार का वेतन मिल रहा है लेकिन स्थायी नौकरी नहीं दी गई। - मोनिका रावत, रुद्रपुर।
किसी दूसरी कंपनी में नौकरी करने जाते हैं तो वह एनटीटीएफ डिप्लोमा को फर्जी बताते हैं। चार साल का डिप्लोमा होना था, छह साल हो गए हैं। अभी तक डिप्लोमा का प्रमाणपत्र नहीं दिया गया है। - तृप्ति नेगी, रुद्रपुर।
इंजीनियरिंग में डिप्लोमा पूरा हो गया है लेकिन इस प्रमाणपत्र से कोई भी कंपनी नौकरी पर रखने से मना कर रही है। कंपनियों की ओर से इसे फर्जी बताया जा रहा है। दो साल से बेरोजगार घूम रहा हूं। - अमरेश, रुद्रपुर।
अल्मोड़ा से बीएससी की पढ़ाई अधूरी छोड़कर यहां से डिप्लोमा किया। हरिद्वार की औद्योगिक कंपनियों में नौकरी ढूंढने गया। सभी कंपनी प्रबंधन की ओर से मेरे डिप्लोमा को फर्जी बता कर नौकरी नहीं दी गई। - अनिल जोशी, अल्मोड़ा।
एनटीटीएफ डिप्लोमा में अभी तक 886 युवा अशोक लीलैंड से पास हो चुके हैं। इसमें से 724 लोगों को नौकरी पर रखा गया है। युवा कंपनी छोड़कर कहीं और जाना नहीं चाहते हैं। कंपनियों की ओर से डिप्लोमा को फर्जी बताया जाना गलत है। उत्पादन के हिसाब से युवाओं को कंपनी में रखा जाता है। अभी कंपनी में वेकैंसी नहीं है। इस वजह से इन्हें रख भी नहीं सकते हैं। - डीके सिंह, एचआर हेड, अशोक लीलैंड।
आशीर्वाद योजना के नाम पर भाई-बहनों के साथ बड़ा धोखा किया गया है। चार साल का डिप्लोमा छह साल में कराया गया था। नौजवानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि 16 फरवरी तक इन नौजवानों के स्थायी रोजगार को लेकर कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन शुरू किया जाएगा। - सुमित हृदयेश, कांग्रेस नेता।

अनिल जोशी।- फोटो : RUDRAPUR

अमरेश।- फोटो : RUDRAPUR

तृप्ति नेगी।- फोटो : RUDRAPUR

मोनिका रावत।- फोटो : RUDRAPUR

रुद्रपुर की अशोक लीलैंड कंपनी गेट के बाहर गेट पर धरना देते युवा व कांग्रेस नेता।- फोटो : RUDRAPUR