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Udham Singh Nagar News: सही मूल्य न चुकाने पर सरकारी गल्ले में नहीं आया गेहूं का दाना
Fri, 02 May 2025 01:29 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 02 May 2025 01:29 AM IST
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काशीपुर। सरकारी केंद्रों पर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य कम होने के कारण इस बार सरकारी गल्ले में गेहूं का दाना तक नहीं गया है। ऐसे में सरकार को कोटा पूरा करने के लिए बाहर से गेहूं खरीदना पड़ेगा ताकि सस्ता गल्ला विक्रेताओं को भेज सके। जिले में करीब 28 हजार मेट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया था।
सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक जिले में कहीं भी गेहूं की खरीद नहीं हुई है। किसानों ने निजी मिल संचालकों व आढ़तियों के माध्यम से सीड प्लांट को अधिकतम मूल्य पर गेहूं उपलब्ध कराया है। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं 2425 रुपये में खरीदा जा रहा है जबकि मिलों में 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं बिक रहा है। वहीं खाने के उपयोग में लिए जाने वाले उत्तम गेहूं की खरीद तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक की गई है।
ऐसे में किसान अपनी फसल घाटे में बेचने से बच रहे हैं। कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अरुण शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में 2425 रुपये के समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 3000 रुपये तक किया जाना चाहिए। महंगाई को देखते हुए तय किया गया समर्थन मूल्य पर्याप्त नहीं है। प्रति किलो गेहूं में 20 रुपये की लागत आती है। इसे देखते हुए 30 रुपये प्रति किलो का दाम किसानों को दिया जाना चाहिए।
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सरकारी क्रय केंद्रों पर अभी तक जिले में कहीं भी गेहूं की खरीद नहीं हुई है। किसानों ने निजी मिल संचालकों व आढ़तियों के माध्यम से सीड प्लांट को अधिकतम मूल्य पर गेहूं उपलब्ध कराया है। किसानों का कहना है कि सरकारी केंद्रों पर गेहूं 2425 रुपये में खरीदा जा रहा है जबकि मिलों में 2600 रुपये प्रति क्विंटल तक गेहूं बिक रहा है। वहीं खाने के उपयोग में लिए जाने वाले उत्तम गेहूं की खरीद तीन हजार रुपये प्रति क्विंटल तक की गई है।
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ऐसे में किसान अपनी फसल घाटे में बेचने से बच रहे हैं। कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव अरुण शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में 2425 रुपये के समर्थन मूल्य को बढ़ाकर 3000 रुपये तक किया जाना चाहिए। महंगाई को देखते हुए तय किया गया समर्थन मूल्य पर्याप्त नहीं है। प्रति किलो गेहूं में 20 रुपये की लागत आती है। इसे देखते हुए 30 रुपये प्रति किलो का दाम किसानों को दिया जाना चाहिए।
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