फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Udham Singh Nagar News ›   West Asia tensions put a brake on Sidcul's exports.

Udham Singh Nagar News: पश्चिम एशिया तनाव से सिडकुल के निर्यात पर लगा ब्रेक

Sun, 29 Mar 2026 01:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर Updated Sun, 29 Mar 2026 01:37 AM IST
विज्ञापन
West Asia tensions put a brake on Sidcul's exports.
रुद्रपुर। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र के निर्यात पर पड़ने लगा है। खाड़ी देशों को भेजे जाने वाले ऑटो पार्ट्स, एफएमसीजी और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों की शिपमेंट अटक गई हैं। इससे स्थानीय उद्योगों की विदेशी कमाई प्रभावित हो रही है।
विज्ञापन

सिडकुल की कई बड़ी और मध्यम इकाइयों का प्रमुख बाजार खाड़ी देशों में है। मौजूदा हालात के कारण नए ऑर्डर मिलने लगभग बंद हो गए हैं जबकि पहले से तैयार माल भी भेजा नहीं जा पा रहा है। समुद्री मार्गों में असुरक्षा और बीमा व परिवहन लागत में बढ़ोतरी के चलते कंपनियां निर्यात को लेकर सतर्क रुख अपना रही हैं।
विज्ञापन

निर्यात में आई गिरावट का असर उत्पादन पर भी दिखने लगा है। कई इकाइयों ने उत्पादन घटा दिया है जबकि कुछ ने अस्थायी तौर पर नई मैन्युफैक्चरिंग लाइनें रोक दी हैं। इससे ठेका और दैनिक मजदूरी पर काम करने वाले कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट गहराने लगा है। उद्यमियों का कहना है कि यदि स्थिति लंबी चली तो विदेशी मुद्रा आय पर भी असर पड़ेगा। खाड़ी देशों को निर्यात घटने से डॉलर की आमद कम होगी और रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। साथ ही कच्चे माल और ईंधन के आयात की लागत बढ़ने से उद्योगों की चिंता और बढ़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्थानीय उद्यमियों ने केंद्र सरकार से निर्यातकों को राहत देने, वैकल्पिक बाजार उपलब्ध कराने और लॉजिस्टिक सपोर्ट मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो उद्योगों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

--

हमारा लगभग 30-40 फीसदी कारोबार खाड़ी देशों पर निर्भर है। पिछले कुछ हफ्तों से नए ऑर्डर आना बंद हो गए हैं और जो माल भेजना था वह भी अटका हुआ है। अगर हालात जल्दी सामान्य नहीं हुए तो हमें उत्पादन और श्रमिक दोनों कम करने पड़ सकते हैं। - विनोद पांडे, ऑटो पार्ट्स निर्यातक
--
पहले हर हफ्ते शिपमेंट निकलती थी। अब लॉजिस्टिक लागत इतनी बढ़ गई है कि निर्यात करना घाटे का सौदा लग रहा है। - अमित सिंह, फार्म इकाई संचालक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed