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हम सीबीआई और हाइकोर्ट के जज से भी जांच को तैयार : हरीश

Sat, 24 Feb 2018 12:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर
अमर उजाला ब्यूरो, रुद्रपुर Updated Sat, 24 Feb 2018 12:21 AM IST
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We also investigate the CBI and the High Court judge: Harish
रुद्रपुर के गांधी पार्क में रामकथा के दौरान आर्केस्टा बजाते पूर्व सीएम रावत - फोटो : Amar Ujala

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि एनएच-74 भूमि मुआवजा घोटाले में एसआईटी की जांच का दायरा सीमित कर दिया गया है। इशारों-इशारों में रावत ने कहा कि जांच सिर्फ काशीपुर तक सिमट कर रह गई है। सफेदपोश अब भाजपा में हैं और जांच के दायरे में उनको भी लाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा गड़बड़ी आर्बिट्रेशन में हुई है, लेकिन जांच से आर्बिट्रेशन को निकालने के साथ ही एनएचएआई के अफसरों को भी बाहर कर दिया गया है।

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रुद्रपुर और हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत में रावत ने ये बातें कहीं। पूर्व सीएम ने कहा कि उन्हें कांग्रेस के खाते की जांच से कोई ऐतराज नहीं है। वे एसआईटी क्या सीबीआई और हाइकोर्ट के जज से जांच को भी तैयार हैं। अगर खाते में कोई एंट्री संदिग्ध लग रही है तो नोटिस दिया जाए। इसका वे जवाब देने के लिए तैयार हैं।  उन्होंने कहा कि चंदा लेने का पूर्ण विवरण चुनाव आयोग और आयकर विभाग के पास है। एसआईटी विवरण लेकर जांच कर सकती है। भाजपा को भी 30 करोड़ का चंदा देने वालों की सूची सार्वजनिक करनी चाहिए।
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शुक्रवार को रुद्रपुर गांधी पार्क में चल रहे धार्मिक कार्यक्रम में शिरकत करने आए पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि नजूल नीति को लेकर भाजपाई किस बात की आभार रैली निकाल रहे हैं। भाजपा सरकार की नजूल नीति से गरीब व्यक्ति को मालिकाना हक नहीं मिल पाएगा। यह नीति राज्य के लोगों की खाल निकालने वाली है। सरकार ने जनहित को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि अपना खजाना भरने के लिए इस नीति को बनाया है। पूर्व सीएम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ को सरकार की नीति के खिलाफ मोर्चा खोलने को कहा।
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 रावत ने कहा कि केदारनाथ में पुनर्निर्माण का काम कांग्रेस सरकार में हो गया था। अब भाजपा मोदी हथियार का इस्तेमाल कर कांग्रेस के काम का श्रेय लेना चाहती है। कहा कि चूंकि एसआईटी उनकी सरकार में गठित हुई थी, इसलिए उस पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। कांग्रेस के खाते में जमा पांच करोड़ रुपये की जांच हो रही है, लेकिन भाजपा की ओर से जुटाए गए 35 करोड़ रुपयों का ब्योरा नहीं मांगा जा रहा है। लोगों को संदेह है कि सरकारी अफसरों से वसूली की गई है। कांग्रेस के खाते से जो लेनदेन हुआ है, वह चेक से ही हुआ है। किसी भी जांच के लिए कांग्रेस तैयार है। इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व मंत्री बेहड़, संजय जुनेजा, सुशील गाबा आदि थे।


मैं खाली हूं भजन कर रहा हूं, त्रिवेंद्र भी आ जाएं
पूर्व सीएम हरीश रावत ने त्रिवेंद्र सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा कि मैं तो चुनाव हारने के बाद खाली हूं और भजन-कीर्तन कर रहा हूं। प्रदेश में विकास नहीं दिख रहा है, यानी कि मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत भी खाली हैं, इसलिए त्रिवेंद्र उनकी जमात में आकर भजन-कीर्तन में लग जाएं।

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