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लिखित समझौते को नहीं मान रही है वीएचबी कंपनी
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/ रुद्रपुर
Updated Tue, 22 Dec 2015 12:08 AM IST
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वार्ता में बुलाने के बाद और बार-बार लिखित समझौते को न मानने से गुस्साए एसडीएम ने वीएचबी प्रबंधक को नोटिस देते हुए कहा है कि अगर तीन दिन के अंदर लिखित समझौते का पालन नहीं किया तो कंपनी सीज कर दी जाएगी।
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वीएचबी कंपनी के श्रमिक पांच दिन से कंपनी प्रबंधन के ऊपर शोषण और लिखित समझौते को न मानने का आरोप लगाते हुए कलक्ट्रेट पर धरना दे रहे हैं। एएलसी अनिल यादव द्वारा वीएचबी के प्रबंधकों को कई बार वार्ता में बुलाने के बाद भी प्रबंधन वार्ता में नहीं आ रहा था। एसडीएम अनिल शुक्ला ने सोमवार को वीएचबी, श्रम विभाग और श्रमिकों के साथ वार्ता रखी थी। 11 बजें वार्ता होनी थी, लेकिन एएलसी अनिल यादव और श्रमिकों के पहुंचने के बाद भी वीएचबी प्रबंधन वार्ता को नहीं पहुंचा। एएलसी के फोन करने के बाद प्रबंधन ने वार्ता के लिए कंपनी के दो कर्मचारियों को भेज दिया।
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समझौता वार्ता में श्रमिकों ने आरोप लगाया कि पांच सितंबर को प्रशासन, एएलसी और कंपनी प्रबंधन के साथ हुई वार्ता में वीएचपी प्रबंधन ने बर्खास्त पांच कर्मचारियों को वापस लेने का लिखित समझौता किया था, लेकिन अभी तक प्रबंधन ने उन्हें वापस नहीं लिया है।
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जब एसडीएम ने लिखित समझौते पर कार्रवाई न करने की बात फैक्ट्री से आए प्रबंधन के दो कर्मचारियों से पूछी तो उन्होंने उक्त बात प्रबंधक और एचआर हेड को पता होने की बात कही। उन्होंने कहा कि प्रबंधन ने उन्हें सिर्फ वार्ता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को कहा है। इस बात पर एसडीएम को गुस्सा आ गया, उन्होंने कहा कि पांच दिनों से वार्ता के बाद प्रबंधन नहीं आ रहा है, न ही प्रबंधन लिखित समझौते को मान रहा है।
उन्होंने कंपनी को नोटिस देने और तीन दिन के भीतर कर्मचारियों को काम पर नहीं लेने पर कंपनी सीज करने के एएलसी को निर्देश दिए। वार्ता में डॉ. डीके सिंह, सेवा सिंह, मयंक चौहान,मदन बिष्ट, बीएस रावत सहित कई श्रमिक मौजूद रहे।