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उत्तरणी कौथिक लागी छो, सरयू का बगड़ में
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रुद्रपुर गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में मौजूद शैल परिषद की महिला सदस्य।
- फोटो : RUDRAPUR
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रुद्रपुर। मकर संक्रांति को जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न नाम और अलग परंपराओं के साथ मनाया गया। किसी ने मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बांटी तो किसी ने उत्तरायणी पर्व मनाकर घर में घुघुते व तिल के लड्डू बनाए। रुद्रपुर में शैल परिषद की महिलाओं ने उत्तरायणी पर्व के गीत गाकर कुमाऊंनी परंपरा का बखान किया।
शुक्रवार को मकर संक्रांति के दिन रुद्रपुर में कई जगह लोगों ने खिचड़ी का प्रसाद बांटा। गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में शैल परिषद की ओर से कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सांकेतिक रूप से उत्तरायणी पर्व मनाया गया। शैल परिषद के संरक्षक भारत लाल, अध्यक्ष गोपाल पटवाल, महामंत्री दिवाकर पांडेय उपाध्यक्ष सतीश ध्यानी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
शैल परिषद की महिलाओं ने गणेश वंदना व सरस्वती वंदना की। इस दौरान महिलाओं ने ‘उत्तरणी कौथिक लागी छो, सरयू का बगड़ में...’ ‘तेले आयां मेले औलां, बागनाथ मंदिर में जौंलो...’, ‘म्यारा दीवाना ओ म्यारा देवू म्यारा दीवाना...’ आदि गीत गाए। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए शैल परिषद ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया। वहां दीपा मटेला, दीपा जोशी, धीरज पांडे, दिनेश भट्ट, प्रेमा, सुनीता, डीके दनाई, भास्कर जोशी आदि थे।
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शुक्रवार को मकर संक्रांति के दिन रुद्रपुर में कई जगह लोगों ने खिचड़ी का प्रसाद बांटा। गंगापुर रोड स्थित शैल भवन में शैल परिषद की ओर से कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए सांकेतिक रूप से उत्तरायणी पर्व मनाया गया। शैल परिषद के संरक्षक भारत लाल, अध्यक्ष गोपाल पटवाल, महामंत्री दिवाकर पांडेय उपाध्यक्ष सतीश ध्यानी ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया गया।
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शैल परिषद की महिलाओं ने गणेश वंदना व सरस्वती वंदना की। इस दौरान महिलाओं ने ‘उत्तरणी कौथिक लागी छो, सरयू का बगड़ में...’ ‘तेले आयां मेले औलां, बागनाथ मंदिर में जौंलो...’, ‘म्यारा दीवाना ओ म्यारा देवू म्यारा दीवाना...’ आदि गीत गाए। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए शैल परिषद ने सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया। वहां दीपा मटेला, दीपा जोशी, धीरज पांडे, दिनेश भट्ट, प्रेमा, सुनीता, डीके दनाई, भास्कर जोशी आदि थे।
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