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Uttarakhand: रुद्रपुर विधायक समेत दस भाजपा नेता दोषमुक्त, इस वजह से दर्ज हुआ था केस; जानें पूरा मामला

Fri, 22 Mar 2024 06:30 PM IST
हीरा मेहरा अमर उजाला नेटवर्क, रुद्रपुर
अमर उजाला नेटवर्क, रुद्रपुर Published by: हीरा मेहरा Updated Fri, 22 Mar 2024 06:30 PM IST
सार

दो साल पहले विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में विधायक शिव अरोरा सहित 10 भाजपा नेताओं को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे न्याय की जीत करार दिया है।
 

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Uttarakhand News: Ten BJP leaders including Rudrapur MLA acquitted
विधायक शिव अरोरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दो साल पहले विधानसभा चुनाव में नामांकन के दौरान आचार संहिता उल्लंघन के मामले में विधायक शिव अरोरा सहित 10 भाजपा नेताओं को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे न्याय की जीत करार दिया है।
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जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी 2022 को भाजपा से प्रत्याशी शिव अरोरा का कलेक्ट्रेट में नामांकन हुआ था। नामांकन के दौरान उन पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगा था। पंतनगर के तत्कालीन एसएचओ राजेंद्र सिंह डांगी ने तत्कालीन भाजपा प्रत्याशी व वर्तमान विधायक शिव अरोरा, तत्कालीन मेयर रामपाल सिंह, प्रदेश मंत्री विकास शर्मा, सुरेश परिहार, हरीश भट्ट, भारत भूषण चुघ, राजकुमार साहा, गुरमीत सिंह, केके दास, विवेक सक्सेना पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनिनियम 1950 की धारा 127 एवं आईपीसी की धारा 188, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 एवं आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन का केस दर्ज किया था। पुलिस ने छह मार्च 2022 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
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इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद युसुफ की अदालत में हुई थी। अभियोजन ने मामले में छह गवाह पेश किए थे। अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दिवाकर पांडेय, परवेज आलम, शिव सक्सेना, नवीन ठुकराल, अंकित सिडाना, एसके सिंह ने पैरवी की थी। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
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अधिवक्ता दिवाकर ने बताया कि पुलिस ने जिन आरोपों में केस दर्ज किया था, वो सिद्ध नहीं हो सके। गवाहों में सामंजस्य नहीं था। यह फैसला ऐसे समय आया है जब वर्तमान में भी आचार संहिता लागू है। यह फैसला प्रशासन के लिए नजीर है।
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