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सरकारी स्कूल में आरक्षित बच्चों से अभद्रता
अमर उजाला ब्यूरो, काशीपुर।
Updated Wed, 17 May 2017 01:19 AM IST
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काशीपुर। अनुसूचित जाति की महिलाओं ने भोजन माताओं और शिक्षक पर अनुसूचित जाति के बच्चों के साथ जातिसूचक शब्दों और अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है। जीआईसी के प्रधानाचार्य की पुष्टि के बाद अब टीम आरोप की जांच करेगी।
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ग्राम बघेलेवाला निवासी अनुसूचित जाति की महिलाओं ने एक मई को खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) अनिल कुमार को पत्र सौंपा। बताया कि गांव के ही प्राइमरी स्कूल में उनके बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल में चार भोजनमाताएं खाना पकाती हैं।
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स्कूल में भोजन के समय भोजन माताएं उनके बच्चों को खाना समय से नहीं देती हैं। दोबारा खाना मांगने पर अभद्रता, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करती हैं। शिक्षक भी ऊंची जाति का है। वह भी बच्चों के साथ अभद्र व्यवहार करने और बच्चों को जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हैं।
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इसकी शिकायत पूर्व ग्राम प्रधान से की लेकिन उन्होंने भी पुलिस में बंद कराने की धमकी दी है। शिक्षक के डर से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके चलते बच्चों की पढ़ाई पर बुरा प्रभाव पड़ रहा हैं। तिरपना, सुमन ने बीईओ से भोजन माताओं, शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई कर अनुसूचित जाति की भोजनमाताओं को रखने की मांग की है।
बीईओ अनिल ने जीआईसी बांसखेड़ा के प्रधानाचार्य नेतराम सिंह को जांच के लिए 12 मई को स्कूल में भेजा था। प्रधानाचार्य ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या भोजनमाताओं, शिक्षक के खिलाफ कुछ तथ्य सही पाए गए हैं। अब एक टीम का गठन कर पुन: जांच कराई जाएगी।