Road Accident: रुद्रपुर में डायवर्जन के पास गड्ढे में बने पिलर से टकराई बाइक, ममेरे-फुफेरे भाइयों की गई जान
नैनीताल हाईवे पर डायवर्जन पर मुड़ने के बजाय बाइक सीधे गड्ढे पर बनाए सीमेंट के पिलर से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो ममेरे-फुफेरे भाइयों की मौत हो गई।
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नैनीताल हाईवे पर डायवर्जन पर मुड़ने के बजाय बाइक सीधे गड्ढे पर बनाए सीमेंट के पिलर से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो ममेरे-फुफेरे भाइयों की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। दोनों ने घटना के समय हेलमेट नहीं लगाया था। एक हेलमेट सड़क किनारे पुलिस को पड़ा मिला था।
जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर शांति बिहार निवासी योगेश चौधरी (24) अपने फुफेरे भाई आदर्श काॅलोनी निवासी मोहित उर्फ देवेश चौधरी (25) के साथ बाइक से हल्द्वानी गया था। देर रात दोनों घर लौट रहे थे। सिडकुल में ब्रिटानिया कंपनी के ठीक सामने नैनीताल हाईवे पर रिंग रोड निर्माण के लिए कार्यदायी कंपनी की ओर से लगाए गए डायवर्जन पर मुड़ने के बजाय उनकी बाइक सीधे आगे जाकर गड्ढे पर बनाए गए सीमेंट के पिलर से टकरा गई।
हादसे के बाद दोनों युवक लहूलुहान होकर गड्ढे में अचेत हो गए। इस दौरान वहां से गुजर रहे पुलिसकर्मियों की नजर गड्ढे में पड़ी दुर्घटनाग्रस्त बाइक के इंडीकेटर पर पड़ी। जब पुलिसकर्मी गड्ढे पर उतरे तो उन्हें दोनों युवक अचेत पड़े मिले। दोनों को इलाज के लिए आनन-फानन जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
युवकों की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मंगलवार की सुबह मोर्चरी पर विधायक शिव अरोरा, पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल, पूर्व मेयर रामपाल सिंह, पार्षद सुशील चौहान, अनिल चौहान, उपेंद्र चौधरी सहित कई लोग मोर्चरी पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना दी। शाम को गमगीन माहौल में दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
अविवाहित थे दोनों मृतक
सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मृतक अपने परिवारों के इकलौते चिराग थे। योगेश की तीन बहनों की शादी हो चुकी है और एक अविवाहित है। उसके पिता रामबीर सिंह सिडकुल में मजदूरी करते हैं। दूसरे मृतक मोहित की एक छोटी बहन है। मोहित के पिता चाय का खोखा चलाते हैं।
योगेश ने किया था बीफार्मा
मृतक योगेश ने देवस्थली कॉलेज से इसी साल बीफार्मा किया था। वह नौकरी भी खोज रहा था। दूसरा मृतक मोहित एक ग्लास स्टोर में मार्केटिंग का काम देखता था। दोनों ही मृतक सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों से जुड़े थे। इसके चलते मोर्चरी और श्मशान घाट में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।