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हजारों ने देखा रावण, मेघनाद के पुतलों का दहन
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Tue, 11 Oct 2016 11:37 PM IST
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ध्ाूं ध्ाूं कर जलता रावण्ा का पुतला
- फोटो : अमर उजाला
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असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक विजयदशमी हर्षोल्लास से मनाई गई। पायते वाली रामलीला के मैदान में हजारों लोगों ने रावण और मेघनाद के पुतले का दहन का नजारा देखा। पुतला दहन होने के साथ ही काफी देर तक आतिशबाजी की आवाज गूंजती रही। पुतले जलने के बाद अवशेष बीनने के लिए लोगों में होड़ मची रही।
मंगलवार को विजयदशमी के पर्व पर लोगों ने घरों में पूजा अर्चना के साथ ही शस्त्रों का भी पूजन किया। नगर निगम मैदान में आरएसएस के स्वयंसेवकों ने शस्त्रों का पूजन किया। रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान में दशहरे के मेले में भारी भीड़ उमड़ी। रावण और मेघनाद का पुतला दहन देखने के लिए शाम से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। मेले में खासकर पेठा, जलेबी, पकौड़ी, घरों में सजावट का सामान, रामलीला के धनुष बाण, गदा, खिलौनों आदि की दुकानें सजी थी।
राम ने तीर चलाकर मैदान में खड़े किए गए रावण और मेघनाद के पुतलों को आग के हवाले किया। धूं-धूं जलते पुतलों को हजारों लोगों ने मैदान, सड़क, भवनों में खड़े होकर देखा। इस मौके पर एसडीएम दयानंद सरस्वती, सीओ राजीव मोहन, रामलीला कमेटी अध्यक्ष विष्णु प्रकाश, अनूप अग्रवाल, कोतवाल ओम प्रकाश, एसएसआई लाखन सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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रामलीला मैदान में हो रहे मेले की व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने आधे दिन बाद एमपी चौक से चीमा चौराहा तक हाइवे को बंद कर दिया गया था। रामनगर से आने वाले वाहनों को चीमा चौराहा से रोडवेज बस अड्डे को डायवर्ट कर दिया गया था। चीमा चौराहे पर लगाए बैरिकेडिंग को भी खोल दिया। जगह-जगह पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।
दशहरा में गन्ने की पूजा करना अनिवार्य माना जाता है। पूजा के लिए गन्ने की काफी मांग रहती है। बाजार में एक गन्ना 20 रुपयों में बिका। कचनाल गोसाई निवासी प्रेम सिंह एक मात्र किसान एक डनलप में गन्ना लादकर बेचने बाजार आया था। उसका गन्ना हाथों हाथ बिक गया। लोगों ने एक गन्ना 20 रुपये में खरीदा। जिनको बाजार में गन्ना नहीं मिले, वह इसके लिए गांव में पहुंचे हुए थे।
रुद्रपुर। विजय दशमी पर गांधी पार्क में राम-रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन हुआ। इसके बाद शानदार आतिशबाजी के बीच रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए गए।
गांधी पार्क में दशहरे को लेकर शाम से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। शाम छह बजे तक पूरा गांधी पार्क भीड़ से खचाखच भर गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शाम छह बजे राम और रावण की सेना के बीच युद्ध की लीला का मंचन गांधी पार्क में किया गया। रावण के मरते ही पूरा गांधी पार्क जय श्री राम के उद्घोषों से गूंज उठा। लीला मंचन के बाद गांधी पार्क के बीचों बीच बनाए गए रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों को एक-एक करके जलाया गया। इससे पहले दशहरा मेले में पहुंचे सभी लोगों को डीएम चंद्रेश यादव, एसएसपी सैंथिल अबुदई और पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने विजयदशमी पर्व की बधाई दी। इस मौके पर सुभाष खंडेलवाल, राजीव चावला, केवल कृष्ण, विजय जग्गा, राकेश सुखीजा, महावीर आजाद, मीना शर्मा, शिव कुमार बंसल, गुलशन छाबड़ा, मोहन अरोरा, हरीश अरोरा, हरीश सुखीजा आदि मौजूद थे।
रुद्रपुर। गांधी पार्क में रावण परिवार के पुतले जलने के बाद वहां मौजूद भीड़ रावण की अस्थियों की प्रतीक पुतले की लकड़ियों पर टूट पड़ी। इस दौरान वहां भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठियां भी भांजीं।
रुद्रपुर। रावण और उसके परिवार के पुतलों के दहन से पूर्व गांधी पार्क में चार जोकरों ने माहौल को खुशनुमा बनाया। चारों जोकर खुली जीप में घूमकर लोगों का मनोरंजन कर रहे थे। इस दौरान जोकरों के साथ सेल्फी लेने की भी होड़ लगी रही। उधर, दशहरा मेले में डीएम चंद्रेश यादव और एसएसपी सेंथिल अबुदई ने परिवार समेत पहुंचे और आतिशबाजी के साथ हुए पुतलों के दहन का लुत्फ उठाया।
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सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
रुद्रपुर। करीब पंद्रह हजार से अधिक की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गांधी पार्क और उसके आस-पास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। एएसपी पंकज भट्ट, सीओ मंजूनाथ टीसी, कोतवाल जेसी पाठक सहित कई पुलिस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। गांधी पार्क के अलावा मुख्य चौराहों पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से गांधी पार्क वाली रोड पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई थी। इसके अलावा इस रोड पर लगने वाले ठेली बाजार को भी दशहरे के चलते यहां से हटा दिया गया।
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दशहरा मेले के बाद शहर में जगह-जगह जाम से लोग हलाकान रहे। करीब दो घंटे तक शहर के विभिन्न मार्गों पर जाम की स्थिति रही। शहर में जाम से निपटने को जगह-जगह पुलिस बल तैनात था लेकिन भारी भीड़ के सामने पुलिस असहाय नजर आई। रावण दहन के बाद गांधी पार्क से भीड़ एक साथ लौटी तो कई मार्गों में जाम से लोग परेशान हो गए।
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लालपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व यहां महाराज के खेल मैदान में मनाया गया। यहां पर रावण का विशाल पुतला आतिशबाजी के बीच जलाया गया। इससे पूर्व मैदान में कुंभकर्ण वध, मेघनाथ वध और रावण वध की लीला का मंचन हुआ। वहां पर मुलखराज ठुकराल, रामनाथ, विनोद ठुकराल, बब्बू ठुकराल, चिमन लाल कुमार, चरनदास बठला, नरेंद्र ठुकराल, सतीश कुमार, शक्ति बठला, शक्ति छाबड़ा आदि थे।
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मंगलवार को विजयदशमी के पर्व पर लोगों ने घरों में पूजा अर्चना के साथ ही शस्त्रों का भी पूजन किया। नगर निगम मैदान में आरएसएस के स्वयंसेवकों ने शस्त्रों का पूजन किया। रामनगर रोड स्थित रामलीला मैदान में दशहरे के मेले में भारी भीड़ उमड़ी। रावण और मेघनाद का पुतला दहन देखने के लिए शाम से ही भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी। मेले में खासकर पेठा, जलेबी, पकौड़ी, घरों में सजावट का सामान, रामलीला के धनुष बाण, गदा, खिलौनों आदि की दुकानें सजी थी।
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राम ने तीर चलाकर मैदान में खड़े किए गए रावण और मेघनाद के पुतलों को आग के हवाले किया। धूं-धूं जलते पुतलों को हजारों लोगों ने मैदान, सड़क, भवनों में खड़े होकर देखा। इस मौके पर एसडीएम दयानंद सरस्वती, सीओ राजीव मोहन, रामलीला कमेटी अध्यक्ष विष्णु प्रकाश, अनूप अग्रवाल, कोतवाल ओम प्रकाश, एसएसआई लाखन सिंह सहित अनेक लोग मौजूद रहे।
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रामलीला मैदान में हो रहे मेले की व्यवस्था बनाने के लिए पुलिस ने आधे दिन बाद एमपी चौक से चीमा चौराहा तक हाइवे को बंद कर दिया गया था। रामनगर से आने वाले वाहनों को चीमा चौराहा से रोडवेज बस अड्डे को डायवर्ट कर दिया गया था। चीमा चौराहे पर लगाए बैरिकेडिंग को भी खोल दिया। जगह-जगह पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई गई थी।
दशहरा में गन्ने की पूजा करना अनिवार्य माना जाता है। पूजा के लिए गन्ने की काफी मांग रहती है। बाजार में एक गन्ना 20 रुपयों में बिका। कचनाल गोसाई निवासी प्रेम सिंह एक मात्र किसान एक डनलप में गन्ना लादकर बेचने बाजार आया था। उसका गन्ना हाथों हाथ बिक गया। लोगों ने एक गन्ना 20 रुपये में खरीदा। जिनको बाजार में गन्ना नहीं मिले, वह इसके लिए गांव में पहुंचे हुए थे।
रुद्रपुर। विजय दशमी पर गांधी पार्क में राम-रावण के बीच युद्ध की लीला का मंचन हुआ। इसके बाद शानदार आतिशबाजी के बीच रावण, कुंभकरण और मेघनाद के पुतले जलाए गए।
गांधी पार्क में दशहरे को लेकर शाम से ही लोगों की भीड़ जुटने लगी थी। शाम छह बजे तक पूरा गांधी पार्क भीड़ से खचाखच भर गया। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच शाम छह बजे राम और रावण की सेना के बीच युद्ध की लीला का मंचन गांधी पार्क में किया गया। रावण के मरते ही पूरा गांधी पार्क जय श्री राम के उद्घोषों से गूंज उठा। लीला मंचन के बाद गांधी पार्क के बीचों बीच बनाए गए रावण, कुंभकरण और मेघनाद के विशाल पुतलों को एक-एक करके जलाया गया। इससे पहले दशहरा मेले में पहुंचे सभी लोगों को डीएम चंद्रेश यादव, एसएसपी सैंथिल अबुदई और पूर्व मंत्री तिलकराज बेहड़ ने विजयदशमी पर्व की बधाई दी। इस मौके पर सुभाष खंडेलवाल, राजीव चावला, केवल कृष्ण, विजय जग्गा, राकेश सुखीजा, महावीर आजाद, मीना शर्मा, शिव कुमार बंसल, गुलशन छाबड़ा, मोहन अरोरा, हरीश अरोरा, हरीश सुखीजा आदि मौजूद थे।
रुद्रपुर। गांधी पार्क में रावण परिवार के पुतले जलने के बाद वहां मौजूद भीड़ रावण की अस्थियों की प्रतीक पुतले की लकड़ियों पर टूट पड़ी। इस दौरान वहां भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए लाठियां भी भांजीं।
रुद्रपुर। रावण और उसके परिवार के पुतलों के दहन से पूर्व गांधी पार्क में चार जोकरों ने माहौल को खुशनुमा बनाया। चारों जोकर खुली जीप में घूमकर लोगों का मनोरंजन कर रहे थे। इस दौरान जोकरों के साथ सेल्फी लेने की भी होड़ लगी रही। उधर, दशहरा मेले में डीएम चंद्रेश यादव और एसएसपी सेंथिल अबुदई ने परिवार समेत पहुंचे और आतिशबाजी के साथ हुए पुतलों के दहन का लुत्फ उठाया।
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सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम
रुद्रपुर। करीब पंद्रह हजार से अधिक की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गांधी पार्क और उसके आस-पास सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। एएसपी पंकज भट्ट, सीओ मंजूनाथ टीसी, कोतवाल जेसी पाठक सहित कई पुलिस अधिकारी सुरक्षा की कमान संभाले हुए थे। गांधी पार्क के अलावा मुख्य चौराहों पर भी भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से गांधी पार्क वाली रोड पर वाहनों की आवाजाही बंद की गई थी। इसके अलावा इस रोड पर लगने वाले ठेली बाजार को भी दशहरे के चलते यहां से हटा दिया गया।
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दशहरा मेले के बाद शहर में जगह-जगह जाम से लोग हलाकान रहे। करीब दो घंटे तक शहर के विभिन्न मार्गों पर जाम की स्थिति रही। शहर में जाम से निपटने को जगह-जगह पुलिस बल तैनात था लेकिन भारी भीड़ के सामने पुलिस असहाय नजर आई। रावण दहन के बाद गांधी पार्क से भीड़ एक साथ लौटी तो कई मार्गों में जाम से लोग परेशान हो गए।
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लालपुर। बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व यहां महाराज के खेल मैदान में मनाया गया। यहां पर रावण का विशाल पुतला आतिशबाजी के बीच जलाया गया। इससे पूर्व मैदान में कुंभकर्ण वध, मेघनाथ वध और रावण वध की लीला का मंचन हुआ। वहां पर मुलखराज ठुकराल, रामनाथ, विनोद ठुकराल, बब्बू ठुकराल, चिमन लाल कुमार, चरनदास बठला, नरेंद्र ठुकराल, सतीश कुमार, शक्ति बठला, शक्ति छाबड़ा आदि थे।