{"_id":"68546551512376e2d9034ad4","slug":"those-who-leave-cattle-helpless-will-be-fined-dr-rajendra-prasad-rudrapur-news-c-242-1-rdp1005-126158-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"गोवंश को बेसहारा छोड़ने वालों पर लगेगा अर्थदंड : डॉ. राजेंद्र प्रसाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गोवंश को बेसहारा छोड़ने वालों पर लगेगा अर्थदंड : डॉ. राजेंद्र प्रसाद
Fri, 20 Jun 2025 01:00 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 20 Jun 2025 01:00 AM IST
विज्ञापन
रुद्रपुर। उत्तराखंड गोसेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. पं. राजेंद्र प्रसाद अणथ्वाल ने दो टूक कहा कि जो भी गोवंश को बेसहारा छोड़ेंगे, उनके खिलाफ अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके लिए नगर निकाय अर्थदंड का निर्धारण करें। कहा कि पशु स्वामी पशुओं का पंजीकरण अवश्य कराएं ताकि पशु बीमा योजना व अन्य योजनाओं का लाभ ले सकें।
गोसेवा अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में निराश्रित गो कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने गोशालाओं का निर्माण सुरक्षित स्थानों पर कराने और गोशालाओं में पर्याप्त भूसा स्टोर करने पर जोर दिया।
कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी गोवंश निराश्रित न रहे। रात्रि में पशुओं से सड़क दुर्घटना संभावना अधिक होती है। उन्होंने गोवंश दुर्घटनाओं से बचाव के लिए उनके गले में रेडियम रिफलेक्टर कॉलर लगाने का सुझाव दिया।
विज्ञापन
कहा कि जिले में गोवंशों की दुर्घटना व गोकसी के प्रकरण सामने आ रहे हैं। जिला उत्तर प्रदेश की सीमाओं से लगा है इसलिए पुलिस व प्रशासन सीमाओं पर पैनी नजर रखें व बार्डर एरिया में लोगों का सत्यापन भी करें।
उन्होंने सभी गोशाला संचालकों से पशुओं की टैगिंग करने व उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड में इसकी जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने बार्डर एरिया में पशु मेला लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या एनजीओ अपनी भूमि पर गोशाला का निर्माण करता है तो वह अपनी 40 प्रतिशत धनराशि ही लगाएगा और 60 प्रतिशत धनराशि सरकार देगी।
बैठक में आयोग के सदस्य अश्वनी, नगर आयुक्त नरेश चंद्र दुर्गापाल, डाॅ. टीपी यादव, डॉ. एमके शर्मा, डॉ. कोमल सिंह, डॉ. पीके पाठक, डॉ. संजीव पंत, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गणेश भट्ट, एसएचओ मनोज रतूड़ी आदि थे।
विज्ञापन
गोसेवा अध्यक्ष ने बृहस्पतिवार को विकास भवन सभागार में निराश्रित गो कल्याण कार्यक्रमों की समीक्षा की। उन्होंने गोशालाओं का निर्माण सुरक्षित स्थानों पर कराने और गोशालाओं में पर्याप्त भूसा स्टोर करने पर जोर दिया।
विज्ञापन
कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि कोई भी गोवंश निराश्रित न रहे। रात्रि में पशुओं से सड़क दुर्घटना संभावना अधिक होती है। उन्होंने गोवंश दुर्घटनाओं से बचाव के लिए उनके गले में रेडियम रिफलेक्टर कॉलर लगाने का सुझाव दिया।
विज्ञापन
कहा कि जिले में गोवंशों की दुर्घटना व गोकसी के प्रकरण सामने आ रहे हैं। जिला उत्तर प्रदेश की सीमाओं से लगा है इसलिए पुलिस व प्रशासन सीमाओं पर पैनी नजर रखें व बार्डर एरिया में लोगों का सत्यापन भी करें।
उन्होंने सभी गोशाला संचालकों से पशुओं की टैगिंग करने व उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड में इसकी जानकारी अपलोड करने के निर्देश दिए। उन्होंने बार्डर एरिया में पशु मेला लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।
अध्यक्ष ने कहा कि कोई भी व्यक्ति या एनजीओ अपनी भूमि पर गोशाला का निर्माण करता है तो वह अपनी 40 प्रतिशत धनराशि ही लगाएगा और 60 प्रतिशत धनराशि सरकार देगी।
बैठक में आयोग के सदस्य अश्वनी, नगर आयुक्त नरेश चंद्र दुर्गापाल, डाॅ. टीपी यादव, डॉ. एमके शर्मा, डॉ. कोमल सिंह, डॉ. पीके पाठक, डॉ. संजीव पंत, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत गणेश भट्ट, एसएचओ मनोज रतूड़ी आदि थे।