एक क्लास रूम में बैठाए जा रही हैं 106 छात्राएं
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एक ओर सरकार बालिका शिक्षा और स्वच्छ भारत अभियान के जोर-शोर से दावे कर रही है। वहीं जिले के सबसे अधिक बालिका संख्या वाले विद्यालय में एक छोटे से कक्षा कक्ष में 106 छात्राओं को बैठाया जा रहा है साथ ही छात्राओं को शौचालय सहित कई समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है। यह हालत तब है जब उसे सिडकुल टाटा मोटर्स ने गोद ले रखा है।
राजकीय बालिका इंटर कालेज फाजलपुर महरौला में 830 छात्राएं अध्ययनरत हैं। सरकारी व्यवस्थाओं पर नजर डालें तो यहां छात्राओं के बैठने के लिए कक्षा कक्ष उपलब्ध नहीं हैं। विद्यालय छह क्लास रूमों में चल रहा है। यहां की छात्राओं के लिए कंप्यूटर और प्रैक्टीकल तो दूर की बात है। कंप्यूटर कक्ष और प्रैक्टीकल लैब को बंद करके कक्षा-कक्षों में छात्राओं को बैठाया जा रहा है। कक्षा आठ में नजर डालें तो इस कक्षा में 106 छात्राएं पढ़ती हैं। छोटे से कमरे में छात्राओं को ठुसकर बैठना पड़ता है। इस विद्यालय को टाटा मोटर्स ने एक माह पहले गोद लिया था। टाटा मोटर्स ने विद्यालय में तीन कक्षाओं का फर्नीचर और एक टॉयलेट का जीर्णोद्धार किया है। इसके बाद भी छात्राओं को पर्याप्त शौचालय उपलब्ध नहीं हैं। छात्राओं ने शौचालय में पानी और सफाई नहीं होने की बात कही है। कहना था कि बारिश में कक्षा कक्षों से पानी टपकने के साथ ही विद्यालय प्रांगण में पानी भरने से भी खासी परेशानी होती है।