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Udham Singh Nagar News: धोखे और पाकिस्तानियों के उत्पीड़न से 10 दिन में ही टूटे वेल्डर के सपने
Fri, 16 May 2025 01:06 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Fri, 16 May 2025 01:06 AM IST
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रुद्रपुर। एक एजेंट के सहारे दुबई में वेल्डर की नौकरी का सपना लेकर गया चुकटी देवरिया निवासी विशाल कोली मुश्किलों में फंस गया। वेल्डिंग के बजाय उसे एक कंपनी की सफाई के काम पर लगाकर पासपोर्ट भी छीन लिया गया था। एसएसपी के प्रयास पर वह वहां से बुधवार को सकुशल घर लौटा। बृहस्पतिवार को वह एसएसपी का आभार जताने उनके पास पहुंचा।
यहां अपनी आपबीती उसने एसएसपी मणिकांत मिश्रा को सुनाई। कहा कि उसके साथ कई पाकिस्तानी युवक भी रहते थे। वे उसे परेशान करते थे। कहते थे कि भारत ने पाकिस्तान का पानी रोक रखा है, इसलिए हम तुम्हें पानी नहीं देंगे। ये लोग उसका उत्पीड़न करते रहते थे। इन लोगों की हरकतों से उसे अपनी जान का डर सताने लगा था। उसने अपने घर पर खुद को यहां से निकालने के लिए कई फोन किए थे।
विशाल ने आईटीआई की है। उनकी मां निर्मला देवी ने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए काशीपुर निवासी समीर नाम के एजेंट के माध्यम से उसे चार मई को दुबई भेजा था। वहां जाने के बाद उसे पाकिस्तानी युवकों के साथ रखा गया। नौकरी के सपने के साथ दुबई गए विशाल का मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा।
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फोन पर बेटे की पीड़ा से चिंतित मां ने आठ मई को काशीपुर के बांसफोड़ान चौकी में शिकायत की थी। इसके बाद किच्छा मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष कमलेंद्र सेमवाल के साथ निर्मला ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मिलकर मदद की गुहार लगाई थी।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने विशाल को दुबई भेजने वाले एजेंट पर शिकंजा कसा और 14 मई की सुबह विशाल सुरक्षित अपने घर पहुंच गया।
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यहां अपनी आपबीती उसने एसएसपी मणिकांत मिश्रा को सुनाई। कहा कि उसके साथ कई पाकिस्तानी युवक भी रहते थे। वे उसे परेशान करते थे। कहते थे कि भारत ने पाकिस्तान का पानी रोक रखा है, इसलिए हम तुम्हें पानी नहीं देंगे। ये लोग उसका उत्पीड़न करते रहते थे। इन लोगों की हरकतों से उसे अपनी जान का डर सताने लगा था। उसने अपने घर पर खुद को यहां से निकालने के लिए कई फोन किए थे।
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विशाल ने आईटीआई की है। उनकी मां निर्मला देवी ने बेटे के बेहतर भविष्य के लिए काशीपुर निवासी समीर नाम के एजेंट के माध्यम से उसे चार मई को दुबई भेजा था। वहां जाने के बाद उसे पाकिस्तानी युवकों के साथ रखा गया। नौकरी के सपने के साथ दुबई गए विशाल का मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा।
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फोन पर बेटे की पीड़ा से चिंतित मां ने आठ मई को काशीपुर के बांसफोड़ान चौकी में शिकायत की थी। इसके बाद किच्छा मंडी समिति के पूर्व अध्यक्ष कमलेंद्र सेमवाल के साथ निर्मला ने एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मिलकर मदद की गुहार लगाई थी।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस ने विशाल को दुबई भेजने वाले एजेंट पर शिकंजा कसा और 14 मई की सुबह विशाल सुरक्षित अपने घर पहुंच गया।