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Udham Singh Nagar News: गुटखा और तंबाकू का क्रेज से बढ़ रहा टंग कार्सीनोमा का खतरा
Wed, 10 Apr 2024 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 10 Apr 2024 11:11 PM IST
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रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में मुंह के कैंसर रोगी की जांच करते विशेषज्ञ डाॅ. ललित। संवाद
रुद्रपुर। गुटखा, पान मसाला, तंबाकू और सिगरेट के शौकिया लोग सावधान रहें। इन खतरनाक चीजों का इस्तेमाल टंग कार्सीनोमा रोग को दावत दे रहा है। कैंसर की इस बीमारी में मरीज की जीभ और गाल आदि में छाले हो जाते हैं, जो समय पर इलाज न कराने से इस गंभीर बीमारी का कारण बनते हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज में संचालित जिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ मरीज नाक, कान, गला रोग के पहुंच रहे हैं। इनमें मुंह व जीभ के कैंसर के हर सप्ताह एक से दो मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को अस्पताल के विशेषज्ञों की ओर से सर्जरी कर स्वस्थ किया जा रहा है। सर्जरी के बाद कीमोथैरेपी व रेडियोथैरेपी की सलाह दी जा रही है।
-- -- --
-लक्षण
न भरने वाले छाले या मांस जो तेजी से बढ़ रहा हो।
खाना खाने में तकलीफ होना।
मुंह में जलन होना।
थूक निगलने में परेशानी होना।
मुंह में रक्तस्राव होना।
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Iमुंह में छाला, जो दो से चार हफ्ते में ठीक न हो तो जांच के लिए अस्पताल आना चाहिए। छोटा सा छाला होने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। ताकि समय रहते इलाज किया जा सके। इसके बड़ा होने पर मुंह, जीभ का कैंसर यानि टंग कार्सीनोमा होने के संभावना प्रबल हो जाती है।I
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- डॉ. ललित पोखरिया, ईएनटी विशेषज्ञ, राजकीय मेडिकल कॉलेज I
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राजकीय मेडिकल कॉलेज में संचालित जिला चिकित्सालय की ओपीडी में प्रतिदिन सौ से डेढ़ सौ मरीज नाक, कान, गला रोग के पहुंच रहे हैं। इनमें मुंह व जीभ के कैंसर के हर सप्ताह एक से दो मरीज आ रहे हैं। ऐसे मरीजों को अस्पताल के विशेषज्ञों की ओर से सर्जरी कर स्वस्थ किया जा रहा है। सर्जरी के बाद कीमोथैरेपी व रेडियोथैरेपी की सलाह दी जा रही है।
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-लक्षण
न भरने वाले छाले या मांस जो तेजी से बढ़ रहा हो।
खाना खाने में तकलीफ होना।
मुंह में जलन होना।
थूक निगलने में परेशानी होना।
मुंह में रक्तस्राव होना।
Iमुंह में छाला, जो दो से चार हफ्ते में ठीक न हो तो जांच के लिए अस्पताल आना चाहिए। छोटा सा छाला होने पर डॉक्टर को तुरंत दिखाएं। ताकि समय रहते इलाज किया जा सके। इसके बड़ा होने पर मुंह, जीभ का कैंसर यानि टंग कार्सीनोमा होने के संभावना प्रबल हो जाती है।I
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- डॉ. ललित पोखरिया, ईएनटी विशेषज्ञ, राजकीय मेडिकल कॉलेज I