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विख्यात सरोद वादक वीना की प्रस्तुति ने मन मोहा
अमर उजाला ब्यूरो काशीपुर
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:26 AM IST
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काशीपुर में कार्यक्रम प्रस्तुत करती डॉ. वीना
- फोटो : अमर उजाला
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अमेरिका से आई विश्व विख्यात सरोद वादक डॉ. वीना चंद्रा ने सरोद और हारमोनियम की धुन में भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बृहस्पतिवार को कुमाऊं वैश्य महिला महासभा काशीपुर और जसपुर की ओर से रामलीला मैदान के सभागार में नववर्ष और मकर संक्रांति के मौके पर भजन और संगीत संध्या का आयोजन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रमोद अग्रवाल और केवीएस के एमडी देवेंद्र अग्रवाल ने शुभारंभ किया। इस मौके पर विश्व विख्यात सरोद वादक डॉ. वीना चंद्रा ने सरोद और हारमोनियम पर शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों पर गणेश वंदना, गणपति जगवंदन और श्रीराम चंद्र कृपालु निदान आदि भजनों गाया। इसके बाद मधुर स्वरों से राग यमन, राग एक ताल, तीन ताल, कल्याण, पहाड़ी राग, राग तीन ताल, राग पीलू, राग भैरवी, राग जन मोहनी पर कई भजन प्रस्तुत किए । श्रोताओं ने तालियां बजाकर प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन वीके गुप्ता ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक एसपी गुप्ता, योगेश जिंदल, कुमाऊं वैश्य महासभा के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, महासभा जसपुर अध्यक्ष मीरा विश्नोई, पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, कौशल गुप्ता, रेखा जिंदल, साधना अग्रवाल सहित अनेक मौजूद रहे।
काशीपुर। अमेरिका के विलियम विश्वविद्यालय में संगीत की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीना चंद्रा मूल रुप से देहरादून की रहने वाली हैं। उन्होंने माना कि युवाओं में शास्त्रीय संगीत के प्रति रुझान कम है। बताया कि वह युवाओं ने संगीत के प्रति रुझान पैदा करने के लिए जगह-जगह कार्यशालाएं लगाती है। वह अमेरिका में अनेक विश्वविद्यालयों में संगीत की शिक्षा के लिए कार्यशालाएं लगा चुकी है।
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भारत में भी मुंबई, जयपुर सहित अनेक जगहों पर कार्यशालाएं हो चुकी हैं। उनसे सरोद वादन सीख कर 50 युवा स्वतंत्र गायन कर रहे है। उनका प्रयास अपनी संस्कृति से भटक रहे युवाओं में शास्त्रीय संगीत और आध्यात्म की ओर रुझान पैदा करना है। इसके लिए राग जन मोहनी का गायन किया जाता है। संगीत और आध्यात्मक युवाओं को आतंकवाद के भटकाव से बचा सकते हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रमोद अग्रवाल और केवीएस के एमडी देवेंद्र अग्रवाल ने शुभारंभ किया। इस मौके पर विश्व विख्यात सरोद वादक डॉ. वीना चंद्रा ने सरोद और हारमोनियम पर शास्त्रीय संगीत की स्वर लहरियों पर गणेश वंदना, गणपति जगवंदन और श्रीराम चंद्र कृपालु निदान आदि भजनों गाया। इसके बाद मधुर स्वरों से राग यमन, राग एक ताल, तीन ताल, कल्याण, पहाड़ी राग, राग तीन ताल, राग पीलू, राग भैरवी, राग जन मोहनी पर कई भजन प्रस्तुत किए । श्रोताओं ने तालियां बजाकर प्रस्तुतियों की प्रशंसा की। कार्यक्रम का संचालन वीके गुप्ता ने किया। इस मौके पर कार्यक्रम संयोजक एसपी गुप्ता, योगेश जिंदल, कुमाऊं वैश्य महासभा के अध्यक्ष नीरज अग्रवाल, महासभा जसपुर अध्यक्ष मीरा विश्नोई, पूर्व विधायक राजीव अग्रवाल, कौशल गुप्ता, रेखा जिंदल, साधना अग्रवाल सहित अनेक मौजूद रहे।
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काशीपुर। अमेरिका के विलियम विश्वविद्यालय में संगीत की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. वीना चंद्रा मूल रुप से देहरादून की रहने वाली हैं। उन्होंने माना कि युवाओं में शास्त्रीय संगीत के प्रति रुझान कम है। बताया कि वह युवाओं ने संगीत के प्रति रुझान पैदा करने के लिए जगह-जगह कार्यशालाएं लगाती है। वह अमेरिका में अनेक विश्वविद्यालयों में संगीत की शिक्षा के लिए कार्यशालाएं लगा चुकी है।
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भारत में भी मुंबई, जयपुर सहित अनेक जगहों पर कार्यशालाएं हो चुकी हैं। उनसे सरोद वादन सीख कर 50 युवा स्वतंत्र गायन कर रहे है। उनका प्रयास अपनी संस्कृति से भटक रहे युवाओं में शास्त्रीय संगीत और आध्यात्म की ओर रुझान पैदा करना है। इसके लिए राग जन मोहनी का गायन किया जाता है। संगीत और आध्यात्मक युवाओं को आतंकवाद के भटकाव से बचा सकते हैं।