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Udham Singh Nagar News: हरियाणा से विवाह रचाने आया दूल्हा पहुंचा हवालात
Wed, 18 Feb 2026 12:43 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:43 AM IST
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किच्छा। हरियाणा से शादी रचाने के लिए किच्छा के ग्राम अंजनिया बरात लेकर आया एक दूल्हा अपनी होने वाली पत्नी को जयमाला पहनाने की जगह हवालात पहुंच गया। शादी की सारी तैयारियां धरी की धरी रह गईं। जहां शादी के गीत और शहनाई सुनाई देनी थी वहां पुलिस की गाड़ियों के सायरन की आवाज सुनाई देने लगी। इस घटना से शादी में मौजूद बरातियों और घरातियों के चेहरों पर हवाइयां उड़ने लगीं। कई घराती और बराती तो बिना दावत उड़ाए ही मौके से खिसक लिए। कुछ लोगों को दावत बीच में छोड़नी पड़ी। बैंड बाजे वालों के चेहरे भी मुरझाए नजर आए। खाना बनाने आए हलवाइयों ने भी वहां से निकलने में अपनी भलाई समझी। शादी कराने आए दोनों पक्षों के पंडित भी हाथ मलते नजर आए।
दरअसल युवक जिस लड़की से शादी रचाने आया था वह नाबालिग निकली। इसकी भनक इंस्टीट्यूट आफ सोशल डेवलपमेंट को लग गई और उसकी सतर्कता से ग्राम अंजनिया की नाबालिग बालिका सोमवार देर रात दुल्हन बनने से बच गई। आईएसडी के अध्यक्ष और किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति के पूर्व सदस्य डाॅ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद के ग्रामीण और शहरी अंचलों में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से बाल विवाह मुक्ति रथ का संचालन किया जा रहा है।
सोमवार देर रात गुप्त सूचना पर टीम ग्राम अंजनिया पहुंची। सूचना थी कि यहां 15 वर्षीय बालिका का विवाह संपन्न होना था। परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी के नेतृत्व में चाइल्ड लाइन 1098 एवं पुलिस हेल्पलाइन 112 पर पुलिस को सूचित करते हुए पुलिस टीम के साथ देर रात जब टीम गांव पहुंची तो वहां बरात चढ़ रही थी। परिजनों से बालिका का आधार मांगा गया तो परिवार ने आधार उपलब्ध नहीं करवाया।
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इंसेट
स्कूल से मंगाए गए दस्तावेज
जब परिजनों ने बालिका का आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करवाया तो रात को ही टीम ने जूनियर हाईस्कूल से बालिका के दस्तावेज मंगाए। दस्तावेजों में बालिका की उम्र 15 वर्ष 11 माह पाई गई। इस पर शादी रोक दी गई तथा चाइल्ड लाइन एवं बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार टीम एवं पुलभट्टा से पहुंची महिला एसआई सीमा ने बालिका को महिला कल्याण बाल विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया और वर को पुलभट्टा थाने पहुंचाया।
इंसेट
बैंडबाजा एवं कैटरर को दी गई सख्त हिदायत
बिंदुवासिनी ने बताया कि दूल्हा और दुल्हन के परिजनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि विवाह की तैयारियां धूमधाम से की गईं थीं। कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई। वहां मौजूद बैंडबाजा एवं कैटरर को भी निर्देश दिया गया की आगे से कभी कोई भी वैवाहिक कार्य लेने से पहले यह जरूर जांच लें कि दूल्हा और दुल्हन बालिग हों। दोपहरिया के ग्राम प्रधान अमन कश्यप को सूचित कर मौके पर बुलाया गया और उन्हें भी कहा गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में वैवाहिक कार्यक्रमों में यह जानकारी अवश्य प्राप्त करें कि दूल्हा एवं दुल्हन बालिग हों। फिलहाल बाल कल्याण विभाग में दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही है।
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दरअसल युवक जिस लड़की से शादी रचाने आया था वह नाबालिग निकली। इसकी भनक इंस्टीट्यूट आफ सोशल डेवलपमेंट को लग गई और उसकी सतर्कता से ग्राम अंजनिया की नाबालिग बालिका सोमवार देर रात दुल्हन बनने से बच गई। आईएसडी के अध्यक्ष और किशोर न्याय बोर्ड व बाल कल्याण समिति के पूर्व सदस्य डाॅ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इन दिनों बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत जनपद के ग्रामीण और शहरी अंचलों में जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से बाल विवाह मुक्ति रथ का संचालन किया जा रहा है।
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सोमवार देर रात गुप्त सूचना पर टीम ग्राम अंजनिया पहुंची। सूचना थी कि यहां 15 वर्षीय बालिका का विवाह संपन्न होना था। परियोजना निदेशक बिंदुवासिनी के नेतृत्व में चाइल्ड लाइन 1098 एवं पुलिस हेल्पलाइन 112 पर पुलिस को सूचित करते हुए पुलिस टीम के साथ देर रात जब टीम गांव पहुंची तो वहां बरात चढ़ रही थी। परिजनों से बालिका का आधार मांगा गया तो परिवार ने आधार उपलब्ध नहीं करवाया।
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स्कूल से मंगाए गए दस्तावेज
जब परिजनों ने बालिका का आधार कार्ड उपलब्ध नहीं करवाया तो रात को ही टीम ने जूनियर हाईस्कूल से बालिका के दस्तावेज मंगाए। दस्तावेजों में बालिका की उम्र 15 वर्ष 11 माह पाई गई। इस पर शादी रोक दी गई तथा चाइल्ड लाइन एवं बाल कल्याण समिति के निर्देशानुसार टीम एवं पुलभट्टा से पहुंची महिला एसआई सीमा ने बालिका को महिला कल्याण बाल विभाग की ओर से संचालित वन स्टॉप सेंटर में दाखिल कराया और वर को पुलभट्टा थाने पहुंचाया।
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बैंडबाजा एवं कैटरर को दी गई सख्त हिदायत
बिंदुवासिनी ने बताया कि दूल्हा और दुल्हन के परिजनों को बाल कल्याण समिति के समक्ष अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने बताया कि विवाह की तैयारियां धूमधाम से की गईं थीं। कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कराई गई। वहां मौजूद बैंडबाजा एवं कैटरर को भी निर्देश दिया गया की आगे से कभी कोई भी वैवाहिक कार्य लेने से पहले यह जरूर जांच लें कि दूल्हा और दुल्हन बालिग हों। दोपहरिया के ग्राम प्रधान अमन कश्यप को सूचित कर मौके पर बुलाया गया और उन्हें भी कहा गया कि ग्राम पंचायत क्षेत्र में वैवाहिक कार्यक्रमों में यह जानकारी अवश्य प्राप्त करें कि दूल्हा एवं दुल्हन बालिग हों। फिलहाल बाल कल्याण विभाग में दोनों पक्षों की काउंसलिंग चल रही है।