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खटीमा को जिला बनाने की मांग मुखर
अमर उजाला ब्यूरो, खटीमा
Updated Sun, 25 Dec 2016 12:06 AM IST
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ज्ञापन सौंपते पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
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खटीमा जिला बनाने की मांग फिर मुखर होने लगी है। खटीमा जिला बनाओ संघर्ष समिति द्वारा जिला बनाने की मुख्यमंत्री से पुरजोर मांग की जा रही है। इसमें पूर्णागिरी तहसील एवं सितारगंज तहसील को मिलाकर खटीमा को नया जिला घोषित करने की मांग की जा रही है।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ल को सौंपते हुए संघर्ष समिति अध्यक्ष एमसी भट्ट ने कहा कि सुरक्षा एवं भौगोलिक दृष्टि से खटीमा जिला जरूरी है। ज्ञापन में अविभाजित यूपी के दौरान जुलाई 1999 से की जा रही इस मांग पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने पर चिंता व्यक्त की गयी।
कहा कि 73 दिन तक चले पुराने तहसील परिसर के धरने को तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सीएम हरीश रावत ने आश्वासन देकर समाप्त कराया था। आम जनता को होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए खटीमा को अलग जिला घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में हरीश चंद्र वर्मा, हरीश ओली, राम सिंह डांगी, हरीश चंद्र सुयाल, छत्तर सिंह, कैलाश भट्ट, चंदन सिंह राणा, महेंद्र राणा, रघुवीर सिंह, एलएस मंगला, रमेश चंद्र कोठारी आदि सम्मलित थे।
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मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी विजय नाथ शुक्ल को सौंपते हुए संघर्ष समिति अध्यक्ष एमसी भट्ट ने कहा कि सुरक्षा एवं भौगोलिक दृष्टि से खटीमा जिला जरूरी है। ज्ञापन में अविभाजित यूपी के दौरान जुलाई 1999 से की जा रही इस मांग पर अभी तक कार्रवाई नहीं होने पर चिंता व्यक्त की गयी।
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कहा कि 73 दिन तक चले पुराने तहसील परिसर के धरने को तत्कालीन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सीएम हरीश रावत ने आश्वासन देकर समाप्त कराया था। आम जनता को होने वाली परेशानियों से निजात दिलाने के लिए खटीमा को अलग जिला घोषित करने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में हरीश चंद्र वर्मा, हरीश ओली, राम सिंह डांगी, हरीश चंद्र सुयाल, छत्तर सिंह, कैलाश भट्ट, चंदन सिंह राणा, महेंद्र राणा, रघुवीर सिंह, एलएस मंगला, रमेश चंद्र कोठारी आदि सम्मलित थे।
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