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टीडीसी पर लगाए जा रहे आरोप असत्य और तथ्य से परे : डाॅ. अभय सक्सेना
Thu, 29 May 2025 01:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 29 May 2025 01:15 AM IST
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रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा की ओर से टीडीसी को खत्म करने के लगाए गए आरोप पर प्रशासन ने अपना पक्ष रखा है। महाप्रबंधक टीडीसी डॉ. अभय सक्सेना और वित्त नियंत्रक डॉ. पंकज शुक्ल ने आरोप को निराधार बताया है।
कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए दोनों अधिकारियाें ने बताया कि विभाग की ओर से ध्वस्तीकरण के बाद स्क्रैप का मूल्य 3.809 करोड़ रुपये आंका गया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि टीडीसी की ओर से दो बार आंगणन कराया गया है। इसमें एक बार 12 करोड़ और दूसरी बार छह करोड़ मूल्य लगाया गया, जो पूर्णतया असत्य और तथ्यहीन है।
कहा कि भवनों के ध्वस्तीकरण के संबंध में निगम ने नियमों का पूर्ण पालन करते हुए निविदा जारी की थी। इसके क्रम में तीन निविदादाता आए। जिस पर उच्चतर निविदादाता मैसर्स हिंद कंस्ट्रक्शन को सफल घोषित किया गया। इस निविदा से प्राप्त होने वाली धनराशि भवनों के ध्वस्तीकरण के आधार मूल्य से अधिक प्राप्त हुई, जोकि जीएसटी सहित 4.729 करोड़ प्राप्त हुई है। जो आधार मूल्य से लगभग 24 प्रतिशत अधिक है।
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यह भी कहा
अधिकारियों ने कहा कि मशीनरी की निविदा के संबंध में निगम ने मात्र उन्हीं मशीनरी की निविदा की है जो एयरपोर्ट विस्तारीकरण सीमा के तहत आ रही थीं और कई वर्षों से निष्प्रयोज्य थीं। मशीनरी का निष्प्रयोज्य मूल्य 78.14 लाख आंका गया। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मटकोटा स्थित बीज संयंत्र और बाजपुर स्थित बीज संयंत्र को नीलाम करने के पीछे उद्देश्य निगम को बंद करना है। यह आरोप पूर्णतया असत्य व निराधार है। मटकोटा व बाजपुर संयंत्र मशीनरी वर्ष 2016 से कार्य उपयोग में नहीं हैं। निगम निदेशक मंडल की बैठक में भी नीलाम किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। कहा कि मटकोटा व बाजपुर भवन को किसी भी प्रकार से ध्वस्तीकरण किए जाने के कोई भी कार्रवाई न ही की गई है और न ही गतिमान है।
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कलक्ट्रेट सभागार में प्रेसवार्ता करते हुए दोनों अधिकारियाें ने बताया कि विभाग की ओर से ध्वस्तीकरण के बाद स्क्रैप का मूल्य 3.809 करोड़ रुपये आंका गया है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि टीडीसी की ओर से दो बार आंगणन कराया गया है। इसमें एक बार 12 करोड़ और दूसरी बार छह करोड़ मूल्य लगाया गया, जो पूर्णतया असत्य और तथ्यहीन है।
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कहा कि भवनों के ध्वस्तीकरण के संबंध में निगम ने नियमों का पूर्ण पालन करते हुए निविदा जारी की थी। इसके क्रम में तीन निविदादाता आए। जिस पर उच्चतर निविदादाता मैसर्स हिंद कंस्ट्रक्शन को सफल घोषित किया गया। इस निविदा से प्राप्त होने वाली धनराशि भवनों के ध्वस्तीकरण के आधार मूल्य से अधिक प्राप्त हुई, जोकि जीएसटी सहित 4.729 करोड़ प्राप्त हुई है। जो आधार मूल्य से लगभग 24 प्रतिशत अधिक है।
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यह भी कहा
अधिकारियों ने कहा कि मशीनरी की निविदा के संबंध में निगम ने मात्र उन्हीं मशीनरी की निविदा की है जो एयरपोर्ट विस्तारीकरण सीमा के तहत आ रही थीं और कई वर्षों से निष्प्रयोज्य थीं। मशीनरी का निष्प्रयोज्य मूल्य 78.14 लाख आंका गया। आरोप लगाए जा रहे हैं कि मटकोटा स्थित बीज संयंत्र और बाजपुर स्थित बीज संयंत्र को नीलाम करने के पीछे उद्देश्य निगम को बंद करना है। यह आरोप पूर्णतया असत्य व निराधार है। मटकोटा व बाजपुर संयंत्र मशीनरी वर्ष 2016 से कार्य उपयोग में नहीं हैं। निगम निदेशक मंडल की बैठक में भी नीलाम किए जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है। कहा कि मटकोटा व बाजपुर भवन को किसी भी प्रकार से ध्वस्तीकरण किए जाने के कोई भी कार्रवाई न ही की गई है और न ही गतिमान है।