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Udham Singh Nagar News: चंद्र ग्रहण के कारण सूतक के बाद मंदिर परिसर हुए सूने
Tue, 03 Mar 2026 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 03 Mar 2026 10:57 PM IST
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काशीपुर। चंद्र ग्रहण के कारण मंदिरों के कपाट पूरे दिन बंद रहे। सूतक काल से पहले मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई जिसके बाद कपाट बंद कर दिए गए।
चंद्रग्रहण के कारण नगर के मोटेश्वर महादेव मंदिर, मां बाल सुंदरी देवी मंदिर, शीतला देवी मंदिर, श्री नागनाथ मंदिर समेत अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट सुबह सूतक से पहले बंद कर दिए गए थे। मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री व मां शीतला देवी मंदिर के पीठाधीश पं. संदीप शर्मा ने बताया कि सुबह 6:40 बजे से पूर्व मंदिर में आरती, पूजा कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि ग्रहण के दिन सूतक काल से पहले स्नान और पूजा-पाठ की जाती है। ग्रहण स्पर्श होने के बाद जप, पूजा-अर्चना की जाती है। ग्रहण समाप्ति के बाद शाम 6:45 के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना कर चंद्रमा के निमित्त दान किया जाता है। ग्रहण काल में किए गए जप का महत्व काफी बढ़ जाता है।
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चंद्रग्रहण के कारण नगर के मोटेश्वर महादेव मंदिर, मां बाल सुंदरी देवी मंदिर, शीतला देवी मंदिर, श्री नागनाथ मंदिर समेत अन्य देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट सुबह सूतक से पहले बंद कर दिए गए थे। मां बाल सुंदरी देवी मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री व मां शीतला देवी मंदिर के पीठाधीश पं. संदीप शर्मा ने बताया कि सुबह 6:40 बजे से पूर्व मंदिर में आरती, पूजा कर दी गई थी।
उन्होंने बताया कि ग्रहण के दिन सूतक काल से पहले स्नान और पूजा-पाठ की जाती है। ग्रहण स्पर्श होने के बाद जप, पूजा-अर्चना की जाती है। ग्रहण समाप्ति के बाद शाम 6:45 के बाद मंदिर के कपाट खोले गए। इसके बाद भगवान की पूजा-अर्चना कर चंद्रमा के निमित्त दान किया जाता है। ग्रहण काल में किए गए जप का महत्व काफी बढ़ जाता है।
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