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Udham Singh Nagar News: सड़कों पर पशु, सिस्टम बेपरवाह... 30 दिन में तीन मौतें
Wed, 16 Sep 2026 01:38 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 16 Sep 2026 01:38 AM IST
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रुद्रपुर। औद्योगिक शहर और आसपास की सड़कों पर लावारिस पशु जानलेवा खतरा बनते जा रहे हैं। पिछले 30 दिन में पशुओं की वजह से तीन लोगों की मौत हो चुकी है लेकिन जिम्मेदार तंत्र की सक्रियता सड़कों पर नजर नहीं आ रही है।
अमर उजाला ने मंगलवार को शहर की प्रमुख सड़कों की पड़ताल की तो मेन बाजार से लेकर हाईवे तक जगह-जगह पशु सड़क पर बैठे और घूमते मिले। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर के आसपास पशुओं का जमावड़ा दिखा।
इन स्थानों पर हादसे का खतरा अधिक
1. सिडकुल चौक से पंतनगर तक
सिडकुल की कंपनियों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी इस मार्ग से रोज गुजरते हैं। सुबह-शाम पशुओं के झुंड सड़क घेर लेते हैं। इसी मार्ग पर पंतनगर में सिपाही भुवन चंद्र आर्या और उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी विक्की की पशु से टकराने के बाद मौत हो चुकी है। मंगलवार दोपहर 12 बजे मेट्रोपोलिस के पास हाईवे किनारे पशु खड़े मिले।
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2. रुद्रपुर-गदरपुर मार्ग पर फ्लाईओवर के नीचे
फ्लाईओवर के नीचे से गदरपुर तक सड़क किनारे पशुओं के झुंड खड़े रहते हैं। अचानक सामने आए पशुओं से बचने के लिए वाहन चालक ब्रेक लगाते हैं, जिससे वाहन अनियंत्रित होने का खतरा रहता है। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे भी यहां पशु बैठे मिले।
3. किच्छा बाईपास रोड
इस मार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में पशु सड़क पर बैठे रहते हैं। रात में तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक पशु आने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। मंगलवार दोपहर 11:30 बजे भी सड़क पर पशु बैठे मिले।
4. रुद्रपुर-सितारगंज हाईवे पर श्मशान घाट के पास
कूड़ा फेंके जाने के कारण यहां पशु दिनभर जमा रहते हैं। शाम के बाद अंधेरे में पशु दिखाई नहीं देने से बाइक सवारों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। मंगलवार दोपहर 11:45 बजे भी पशु कूड़े के ढेर पर जमा थे।
5. आवास विकास क्षेत्र
घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में भी सड़क पर पशुओं का जमावड़ा रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे एलआईसी के पास कूड़े के ढेर के आसपास पशु घूमते मिले।
सात गोशालाएं, फिर भी सड़क पर 7400 से ज्यादा पशु
पशुपालन विभाग के अनुसार शहर की सड़कों पर 7400 से अधिक लावारिस पशु विचरण कर रहे हैं। जिले में छह गोशालाएं संचालित हैं। रुद्रपुर में सबसे बड़ी गोशाला बनने के बाद इनकी संख्या सात हो गई है। इसके बावजूद सड़कों से पशुओं को हटाने की समस्या बनी हुई है। नगर निगम, प्रशासन और जिला पंचायतें पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के दावे करते हैं, लेकिन सड़कों की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
रुद्रपुर की सड़कों से लावारिस पशुओं को लगातार पकड़ा जा रहा है। मैंने खुद सड़क पर उतरकर पशुओं को पकड़वाया है। बाकी पशुओं को भी जल्द सड़क से हटाकर गोशालाओं में भेजा जाएगा। -विकास शर्मा, मेयर
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अमर उजाला ने मंगलवार को शहर की प्रमुख सड़कों की पड़ताल की तो मेन बाजार से लेकर हाईवे तक जगह-जगह पशु सड़क पर बैठे और घूमते मिले। कई स्थानों पर कूड़े के ढेर के आसपास पशुओं का जमावड़ा दिखा।
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इन स्थानों पर हादसे का खतरा अधिक
1. सिडकुल चौक से पंतनगर तक
सिडकुल की कंपनियों में काम करने वाले हजारों कर्मचारी इस मार्ग से रोज गुजरते हैं। सुबह-शाम पशुओं के झुंड सड़क घेर लेते हैं। इसी मार्ग पर पंतनगर में सिपाही भुवन चंद्र आर्या और उत्तर प्रदेश के बलिया निवासी विक्की की पशु से टकराने के बाद मौत हो चुकी है। मंगलवार दोपहर 12 बजे मेट्रोपोलिस के पास हाईवे किनारे पशु खड़े मिले।
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2. रुद्रपुर-गदरपुर मार्ग पर फ्लाईओवर के नीचे
फ्लाईओवर के नीचे से गदरपुर तक सड़क किनारे पशुओं के झुंड खड़े रहते हैं। अचानक सामने आए पशुओं से बचने के लिए वाहन चालक ब्रेक लगाते हैं, जिससे वाहन अनियंत्रित होने का खतरा रहता है। मंगलवार सुबह साढ़े नौ बजे भी यहां पशु बैठे मिले।
3. किच्छा बाईपास रोड
इस मार्ग पर दिन-रात बड़ी संख्या में पशु सड़क पर बैठे रहते हैं। रात में तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक पशु आने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। मंगलवार दोपहर 11:30 बजे भी सड़क पर पशु बैठे मिले।
4. रुद्रपुर-सितारगंज हाईवे पर श्मशान घाट के पास
कूड़ा फेंके जाने के कारण यहां पशु दिनभर जमा रहते हैं। शाम के बाद अंधेरे में पशु दिखाई नहीं देने से बाइक सवारों के लिए खतरा और बढ़ जाता है। मंगलवार दोपहर 11:45 बजे भी पशु कूड़े के ढेर पर जमा थे।
5. आवास विकास क्षेत्र
घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में भी सड़क पर पशुओं का जमावड़ा रहता है। स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति ज्यादा जोखिम भरी है। मंगलवार दोपहर डेढ़ बजे एलआईसी के पास कूड़े के ढेर के आसपास पशु घूमते मिले।
सात गोशालाएं, फिर भी सड़क पर 7400 से ज्यादा पशु
पशुपालन विभाग के अनुसार शहर की सड़कों पर 7400 से अधिक लावारिस पशु विचरण कर रहे हैं। जिले में छह गोशालाएं संचालित हैं। रुद्रपुर में सबसे बड़ी गोशाला बनने के बाद इनकी संख्या सात हो गई है। इसके बावजूद सड़कों से पशुओं को हटाने की समस्या बनी हुई है। नगर निगम, प्रशासन और जिला पंचायतें पशुओं को पकड़कर गोशालाओं में भेजने के दावे करते हैं, लेकिन सड़कों की स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आ रहा है।
रुद्रपुर की सड़कों से लावारिस पशुओं को लगातार पकड़ा जा रहा है। मैंने खुद सड़क पर उतरकर पशुओं को पकड़वाया है। बाकी पशुओं को भी जल्द सड़क से हटाकर गोशालाओं में भेजा जाएगा। -विकास शर्मा, मेयर