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Udham Singh Nagar News: परिजनों पर न आए क्षय रोग की आंच, कारगर साबित हो रही इगरा जांच
Sat, 16 Sep 2023 01:37 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sat, 16 Sep 2023 01:37 AM IST
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रुद्रपुर। राष्ट्रीय क्षय रोग कार्यक्रम के तहत भारत को साल 2025 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य तय किया गया है। उत्तराखंड को वर्ष 2024 तक टीबी मुक्त करने का लक्ष्य दिया गया है। इसमें इगरा टेस्ट कारगर साबित हो रहा है। जिले में अब तक 1052 टीबी संक्रमितों के परिजनों के हुए इगरा टेस्ट के बाद अधिकतर स्वस्थ हो चुके हैं। राज्य को टीबी मुक्त करने के लिए निक्षय मित्र योजना भी शुरू की गई है। इसके तहत निक्षय मित्र टीबी रोगियों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करा रहे हैं।
तीन टीम ले रही सैंपल
जिले में सरकार ने मई से इगरा टेस्ट के तहत टीबी रोगियों के परिजनों की जांच शुरू की गई। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन मोबाइल टीम का गठन किया है, जो घर-घर जाकर टीबी रोगियों के परिजनों के सैंपल ले रही हैं। इगरा टेस्ट की अगले ही दिन ही रिपोर्ट आ जाने से पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों को तुरंत इलाज मिल रहा है, जिससे टीबी संक्रमण को रोकने में सफलता मिल रही है। पॉजिटिव मिले मरीजों का इलाज निशुल्क किया जा रहा है।
जिले में चल रहा नौ लोगों का इलाज
इगरा टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डिस्कवरी डायग्नोस्टिक कंपनी के साथ अनुबंध किया है। जिले अब तक टीबी संक्रमितों के 1052 परिजनों के इगरा टेस्ट हो चुके हैं, इनमें 400 पॉजिटिव आए थे। लेकिन संक्रमण के शुरुआत में ही पता चल जाने के कारण अधिकतर स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें से सिर्फ नौ लोगों का ही इलाज चल रहा है।
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इगरा टेस्ट से टीबी रोगियों का पता लगाकर और उनका जल्द इलाज करने में मदद मिल रही है। इससे जिले को टीबी मुक्त करने में मदद मिलेगी। - डॉ. हरेंद्र मलिक, एसीएमओ
क्या है इगरा टेस्ट
रुद्रपुर। इगरा टेस्ट कोशिकाओं में विशेष तौर पर आईएफएन-वाई जांच करता है।यह टीबी के सक्रिय संक्रमण का पता लगाता है। इसकी रिपोर्ट अपेक्षाकृत जल्द आती है।
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तीन टीम ले रही सैंपल
जिले में सरकार ने मई से इगरा टेस्ट के तहत टीबी रोगियों के परिजनों की जांच शुरू की गई। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तीन मोबाइल टीम का गठन किया है, जो घर-घर जाकर टीबी रोगियों के परिजनों के सैंपल ले रही हैं। इगरा टेस्ट की अगले ही दिन ही रिपोर्ट आ जाने से पॉजिटिव मिलने वाले मरीजों को तुरंत इलाज मिल रहा है, जिससे टीबी संक्रमण को रोकने में सफलता मिल रही है। पॉजिटिव मिले मरीजों का इलाज निशुल्क किया जा रहा है।
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जिले में चल रहा नौ लोगों का इलाज
इगरा टेस्ट के लिए स्वास्थ्य विभाग ने डिस्कवरी डायग्नोस्टिक कंपनी के साथ अनुबंध किया है। जिले अब तक टीबी संक्रमितों के 1052 परिजनों के इगरा टेस्ट हो चुके हैं, इनमें 400 पॉजिटिव आए थे। लेकिन संक्रमण के शुरुआत में ही पता चल जाने के कारण अधिकतर स्वस्थ हो चुके हैं। इनमें से सिर्फ नौ लोगों का ही इलाज चल रहा है।
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इगरा टेस्ट से टीबी रोगियों का पता लगाकर और उनका जल्द इलाज करने में मदद मिल रही है। इससे जिले को टीबी मुक्त करने में मदद मिलेगी। - डॉ. हरेंद्र मलिक, एसीएमओ
क्या है इगरा टेस्ट
रुद्रपुर। इगरा टेस्ट कोशिकाओं में विशेष तौर पर आईएफएन-वाई जांच करता है।यह टीबी के सक्रिय संक्रमण का पता लगाता है। इसकी रिपोर्ट अपेक्षाकृत जल्द आती है।